झारखंड में टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी में होगा बड़ा बदलाव, जानें क्या

Smart News Team, Last updated: Sun, 4th Jul 2021, 8:14 AM IST
  • झारखंड में टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस पॉलिसी में दिव्यांग, असाध्य रोगी, सरकारी सेवा वाले पति-पत्नी के साथ-साथ अब महिला और बाकी शिक्षकों को गृह जिला में ट्रांसफर का मौका मिल सकता है.
झारखंड में टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव

झारखंड से टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर बड़ी खबर आ रही है. सामने आ रही खबरों की माने तो फिर से प्रदेश में फिर से टीचरों की ट्रांसफर पॉलिसी में कुछ बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, जिसके तहत राज्य के प्राथमिक से लेकर प्लस टू स्कूल तक के शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी बदली जा सकती है. साथ ही बताया जा रहा है कि इस ट्रांसफर पॉलिसी के दौरान दिव्यांग, असाध्य रोगी, सरकारी सेवा वाले पति-पत्नी के साथ-साथ अब महिला और बाकी दूसरे शिक्षकों को गृह जिला में ट्रांसफर का मौका मिल सकता है. वहीं इस पॉलिसी में बदलाव के लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की और से 6 जुलाई को एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभाग के कई आला अधिकारियों के साथ-साथ माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

इसके अलावा सामने आ रही खबरों की माने तो बताया जा रहा है कि झारखंड में अंतर जिला ट्रांसफर सालों से नहीं हुआ है. राज्य में साल 2015 और 2016 की नियुक्ति प्रक्रिया में प्रारंभिक स्कूलों में 18,000 शिक्षकों की नियुक्त की गई थी, जिसमें से 8,000 ऐसे शिक्षक हैं जो दूसरे जिलों में काम कर रहे है और गृह जिला लौटने का इंतजार कर रहे हैं. इतना ही नहीं इनमें करीबन 3500 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं. साथ ही खबारों की माने तो इनमें से कई की इस योगदान के बाद शादी हुई है. ऐसे में उनके सर्विस बुक और आवासीय में उनके मायके का पता है. वहीं उनके पति निजी कंपनियों में दूसरे जिलों काम करते हैं, जिसकी वजह से उनका ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है.

SSC CGL Exam: इन परीक्षाओं में हुआ है फेरबदल, उम्मीदवार यहां देखें पूरी डिटेल्स

इसके अलावा साल 2019 में बनी ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार इसमें उन्हीं शिक्षिकाओं को अंतर जिला ट्रांसफर की छूट है जिनके पति सरकारी सेवा के लिए दूसरे जिलों में तैनात हैं. ऐसे में पति का गृह जिला ही पत्नी का गृह जिला हो जाता है. ऐसे में अब महिलाओं के अंतर जिला ट्रांसफर के लिए खास छूट दी जा सकती है. जानकारी के लिए बता दें मंत्री जगरनाथ महतो ने भी शिक्षकों के ट्रांसफर किए जाने की बात कही है, जिसमें उन्होंने कहा कि शिक्षकों का अंतर जिला ट्रांसफर के साथ-साथ विभाग द्वारा तैयार पांच जोन में भी ट्रांसफर किया जाएगा. इसमें शिक्षकों को शहरी, प्रखंड, पंचायत, ग्रामीण, सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में पदस्थापन होना है.

JAC Board: 20 जुलाई को 10वीं और 12वीं के नतीजे होंगे जारी, ऐसे दिए जाएंगे नंबर 

बता दें कि शिक्षकों को इन जोन में अपनी सेवा के दौरान एक बार अवश्य रहना है. साथ ही झारखंड की स्कूलों के वैसे शिक्षक जो दूसरे जिलों के निवासी हैं उन्हें सीमावर्ती तीन जिलों के विकल्प की छूट होगी. वे प्राथमिकता के आधार पर किसी जिले में पदस्थापित हो सकेंगे. इसमें महिला शिक्षिकाओं के लिए उनके पति के गृह जिले को ही उनका गृह जिला माना जाएगा अगर सरकारी सेवा वाले पति पत्नी जिस जिले का विकल्प देंगे वह उनका गृह जिला माना जाएगा. इसके अलावा राज्य सतर्कता आयुक्त सतीश चंद्र ने राज्य के प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त दिव्यांग शिक्षकों को गृह जिला ट्रांसफर में प्राथमिकता दिए जाने का भी निर्देश दिया है.

अन्य खबरें