हेमंत सरकार का आदिवासी छात्रों को तोहफा, विदेश में उच्च शिक्षा की कर सकेंगे पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: Tue, 5th Jan 2021, 7:39 AM IST
  • झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने नए साल के मौके पर आदिवासी छात्र-छात्राओं को बड़ा तोहफा दिया है. झारखंड सरकार मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत हर साल 10 आदिवासी छात्र-छात्राएं को 22 विषयों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए विदेश भेजेगी.
सीएम हेमंत सोरेन(फाइल फोटो)

रांची. नए साल के मौके पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने आदिवासी छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत हर साल झारखंड के 10 आदिवासी छात्र-छात्राएं 22 विषयों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए विदेश जा सकेंगे.

इस योजना का संचालन राज्य सरकार की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है. योजना के तहत प्रत्येक वर्ष में चयनित 10 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को उच्चस्तरीय शिक्षा, मास्टर डिग्री, एमफिल के लिए राज्य सरकार की तरफ से छात्रवृत्ति दी जाएगी.

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10 चयनित छात्र-छात्राएं जलवायु परिवर्तन, अर्थशास्त्र, विधि, पर्यटन , मीडिया एंड कम्युनिकेशन, मानव विज्ञान, कृषि, कला और संस्कृति समेत कुल 22 विषयों में एक और दो वर्ष के कोर्स या शोध के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करेंगे. इस योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी झारखंड राज्य का स्थानीय निवासी होना चाहिए. साथ ही उसके पास अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र होना चाहिए. मास्टर या एम.फिल डिग्री के लिए आवेदक के पास स्नातक की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही आवेदक के स्नातक में 55% अंक या समकक्ष, संबंधित विषय में दो साल का शिक्षण कार्य होना चाहिए. 

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जिन आवेदकों के पास अनुभव होगा, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी. अभ्यर्थी के माता-पिता की आय 12 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. इस योजना का लाभ माता-पिता के एक से अधिक बच्चे नहीं ले सकेंगे. किसी भी कोर्स के लिए छात्र-छात्रा को एक बार इस योजना का लाभ दिया जाएगा. इस योजना में भारत सरकार के मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री के बच्चे को नहीं शामिल किया गया है. ऐसे में वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे.

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