झारखंड में लाह की खेती से लाखों कमा रहीं महिला किसान, कम लागत में मोटी बचत

Smart News Team, Last updated: 23/02/2021 08:54 PM IST
  • झारखंड के ग्रामीण इलाकों में महिला किसान लाह की खेती के जरिए लाखों रुपया कमा रही हैं. वर्तमान में राज्य के करीब 73 हजार किसान लाह की खेती से जुड़े हैं. 
लाह की वैज्ञानिक खेती से लखपति बन रहीं महिला किसान, कम लागत में मोटी बचत

रांची. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में महिला किसान लाह की खेती के जरिए लाखों रुपया कमा रही हैं. वर्तमान में राज्य के करीब 73 हजार किसान लाह की खेती से जुड़े हैं. इस खेती के जरिए महिलाएं अपने गांवों में रहकर ही अच्छी आमदनी कमाते हुए राज्य में लाह उत्पादन के आंकड़ों में सकरात्मक बदलाव ला रही हैं. वहीं सूबे की हेमंत सोरेन सरकार भी ग्रामीण महिलाओं को लाह की वैज्ञानिक खेती से जोड़कर अत्याधुनिक प्रशिक्षण के जरिए इनकम बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

झारखंड में साल 2020 में करीब दो हजार मीट्रिक टन लाह का उत्पादन ग्रामीण महिलाओं ने किया. इसी वजह से सीएम हेमंत सोरेन ने खेती को कृषि का दर्जा देने का ऐलान किया जिससे प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को वनोपज आधारित आजीविका से जोड़कर उनकी आय को बढ़ाने का काम किया जा सके. सीएम हेमंत सोरेन का मानना है कि देश तभी आत्मनिर्भर बनेगा जब ग्रामीण क्षेत्र का सशक्तिकरण किया जाएगा.

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लाह की वैज्ञानिक खेती से महिलाओं को एक तरह से अपनी पहचान बनाने का अलग मौका मिला है. अब राज्य सरकार उन महिलाओं को पारंपरिक पेशे में ही स्थानीय आजीविका के अच्छे अवसर उपलब्ध करा रही है. ऐसा करने से महिलाओं की वनोपज-उद्यमी के रूप में पहचान स्थापित कर रही हैं.

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कहा जा रहा है कि जल्द ही राज्य सरकार लाह की खेती को कृषि का दर्जा देगी और इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय करेगी. हेमंत सोरेन सरकार का संकल्प किसानों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है.

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