रांची में कोरोना से बुरा हाल जांच केंद्र से लेकर श्मशान घाट पर करना पड़ रहा इंतजार

Smart News Team, Last updated: Mon, 12th Apr 2021, 12:14 PM IST
  • रांची में कोरोना से होने वाली मौतों की वजह से रविवार को शमशान घाटों पर एंबुलेंस की लंबी कतार लग गई जिससे लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला. शवों को जलाने के लिए लगाई गईं दोनों मशीनें अचानक खराब हो गईं. इस वजह से शवदाह गृह के बाहर कई एंबुलेंस खड़ी हों गईं.
रांची में कोरोना से बुरा हाल, जांच केंद्र से लेकर श्मशान घाट पर करना पड़ रहा इंतजार

रांची: राजधानी रांची में कोरोना से होने वाली मौतों की वजह से रविवार को शमशान घाटों पर एंबुलेंस की लंबी कतार लग गई जिससे लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला. यही हालत राजधानी में सभी कोरोना जांच केंद्रों की है. वहां भी लंबी - लंबी लाइन देखने को मिल रही है. रविवार को हरमू मुक्तिधाम स्थित शवदाह गृह (क्रिमेटोरियम) के बाहर एंबुलेंस की लंबी कतार देखने को मिली. शवों को जलाने के लिए लगाई गईं दोनों मशीनें अचानक खराब हो गईं. इस वजह से कोरोना से मृत लोगों को लेकर पहुंची कई एंबुलेंस को इंतजार करने के लिए कहा गया. देखते ही देखते शवदाह गृह के बाहर कई एंबुलेंस खड़ी हों गईं.

रविवार को हरमू मुक्तिधाम स्थित शवदाह गृह पर 10 शवों को दाह-संस्कार के लिए एंबुलेंस से लाया गया था. दो शव जलने के बाद ही मशीन में कुछ खराबी आ गयी. शवदाह गृह की दोनों भट्ठी खराब हो गयी. उससे पूरा हिट नहीं निकल रहा था. दो शव जलाने के बाद जब तीसरा शव डाला गया तो वह फंस गया. जिसके बाद शव जलाने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा. आनन फानन में नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया. बता दें कि पिछले साल भी कोरोना से मृत लोगों का यहां जिला प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार किया गया था.

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11 अप्रैल से अबतक 76 शवों को जलाया जा चुका है

शनिवार को सबसे अधिक 16 शव जलाए गए. शवदाहगृह का संचालन करने वाली मारवाड़ी सहायक समिति के अनुसार मशीन का मेंटनेंस पांच अप्रैल को किया गया था. समिती ने बताया की अभी भी स्थानीय तकनीशियन से खराबी दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही दिल्ली से तकनीशियन को बुलाया गया है. सोमवार को तकनी़शियन के आने के बाद खराबी दूर किए जाने की उम्मीद है.

जिला प्रशासन की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि मशीन की खराबी दूर की जाए. मशीन सही तरीके से काम नहीं कर रही है और शव को जलाने में लंबा समय लग रहा है. कोविड प्रोटोकोल के तहत कोरोना से मृत लोगों के शवों को इसी शवदाह गृह में जलाया जाता है.

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घाघरा घाट पर शवों को लकड़ी की आग पर अंतिम संस्कार

हरमू में गैस से चलने वाले शवदाहगृह की खराबी के बाद रांची नगर निगम ने शवों के जलाने की वैकल्पिक व्यवस्था घाघरा स्वर्णरेखा घाट पर है. रविवार को देर रात तक इस घाट पर 12 शवों को जलाया गया. इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व रांची नगर निगम के अपर नगर आयुक्त राजेश कुमार ने किया. इस टीम में उप नगर आयुक्त कुंवर सिंह पाहन,नगर प्रबंधक विजेंद्र कुमार, सहायक अभियंता सौरभ केसरी, जोनल सुपरवाइजर, बीरेंद्र कुमार, खुलेश्वर प्रमाणिक, अनिल कुमार गुप्ता एवं भंडार पाल, ओमकार पांडे मौजूद रहे.

 

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