रांची: धर्मांतरण कानून के बावजूद धर्म परिवर्तन का खेल जारी, सरना धर्म के कई लोग बने ईसाई

ABHINAV AZAD, Last updated: Mon, 6th Dec 2021, 3:43 PM IST
  • झारखंड में धर्मांतरण कानून लागू होने के बावजूद रांच समेत अन्य हिस्सों में मिशन के तहत बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खेल जारी है. महुआ टोली और आसपास के मोहल्लों में करीब 150 से ज्यादा सरना धर्म को मानने वाले लोग अब ईसाई धर्म को अपना चुके हैं.
(प्रतीकात्मक फोटो)

रांची. राजधानी रांच समेत झारखंड के अन्य हिस्सों में मिशन के तहत बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बड़ी तादाद में आदिवासी परिवारों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. गौरतलब है कि झारखंड राज्य में धर्मांतरण कानून लागू है. लेकिन बावजूद इसके रांची में इस कानून का खुलेआम मजाक बनाया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि झारखंड में धर्मांतरण कानून लागू होने के बावजूद आदिवासी परिवारों पर लगातार वैचारिक और धार्मिक हमले जारी हैं. रांची के नगड़ी प्रखंड के महुआ टोली और आस-पास के टोले और मुहल्ले में धर्मांतरण का खेल एक रणनीति और साजिश के तहत जारी है. मिली जानकारी के मुताबिक, महुआ टोली और आसपास के मोहल्लों में करीब 150 से ज्यादा सरना धर्म को मानने वाले परिवार रहते हैं, लेकिन अब इनमें से कई परिवार ईसाई धर्म को अपना चुके हैं.

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स्थानीय लोगों के मुताबिक, चर्च की ओर से प्रलोभन और सुविधाओं का लालच दिया जाता है. इस साल में में फंसकर कई परिवार धर्मांतरण कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि रविवार का दिन होने के कारण धर्मांतरण कर चुके कई ग्रामीण डोहीटोली चर्च में प्रार्थना करने पहुंचे थे. इनमें से कुछ लोगों से चर्च के गेट पर ही बात करने की कोशिश की गई. ये लोग सवालों से घबरा गए और उन्‍होंने कुछ भी कहने से साफ तौर पर मना कर दिया. स्थानीय लोग बताते हैं कि ईसाई मिशनरियों की ओर से सरना धर्मावलंबियों को सुविधाओं का लालच दिया जाता है. साथ ही पारिवारिक मदद की बात भी कही जाती है. इसलिए कई परिवारों ने सरना धर्म को छोड़कर चर्च जाना स्वीकार कर लिया.

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