सिटी बसों को संचालित करने में नाकाम साबित हुआ नगर निगम

Smart News Team, Last updated: Sun, 21st Feb 2021, 3:44 PM IST
  • राजधानी में सिटी बसों को संचालित करने में नगर निगम फेल हो गया है. तमाम प्रयासों के बावजूद नगर निगम की 31 नई नकोर सिटी बसें खड़े-खड़े ही कबाड़ हो चुकी हैं. उस पर निगम 500 बसें और खरीदने की तैयारी कर रहा है. तर्क यह दिया जा रहा है कि इन बसों के आ जाने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा.
रांची नगर निगम (फाइल तस्वीर)

रांची. साल 2005 में रांची नगर निगम को जवाहर लाल नेहरू पुनरुत्थान मिशन के तहत 51 बसें प्राप्त कराई गई थी. इन बसों में से नगर निगम केवल 20:00 बजे ही राजधानी की सड़कों पर संचालित कर सका है. मौजूदा समय में नगर निगम रांची कचहरी से मेन रोड होते हुए राजेंद्र चौक और कचहरी से कांटा टोली होते हुए धुर्वा गोल चक्कर तक 2 रूट पर ही बसें चला रहा है. इन दोनों रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी 40 मिनट की है. मतलब एक बस के गुजरने के 40 मिनट बाद ही दूसरी बस आती है. 

बसों की फ्रीक्वेंसी कम होने के कारण ज्यादातर लोगों को ऑटो रिक्शा का उपयोग करना पड़ रहा है.जबकि 51 बसों में से 31 बसें नगर निगम परिषद में खड़ी खड़ी कबाड़ हो गई है. यदि समय से नगर निगम की ओर से इन रूटों पर बसों की संख्या में वृद्धि की जाती तो इस रूट के लोगों को तो सुविधा मिलती ही साथ ही नगर निगम की आय में भी वृद्धि हो सकती थी. सिटी बसों के संचालन करने में नाकाम अब नगर निगम की ओर से राजधानी की सड़कों पर 500 बसें और संचालित करने का निर्णय लिया गया है. 

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इसके लिए नगर निगम की ओर से केंद्र सरकार से बसों की मांग की गई है. नगर निगम की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कोकर के रमेश कुमार कहते हैं कि रांची नगर निगम पहले खराब खड़ी 31 बसों को ठीक कराएं और उसे सड़कों पर उतारे. इसके बाद ही नई बसें संचालित करने के बारे में सोचे. बिना किसी ठोस तैयारी के बेवजह धन की बर्बादी करना नगर निगम के लिए उचित नहीं है. नगर निगम को इसका जवाब देना पड़ेगा.

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