झारखंड में ‘तीर बम’ का इस्तेमाल करने लगे हैं नक्सली

Smart News Team, Last updated: Wed, 6th Jan 2021, 7:16 PM IST
  • आईईडी और विस्फोटक वाले तीर से बचना सुरक्षाबलों के लिए मुश्किल होता है. झारखंड के नक्सली भी छत्तीसगढ़ के नक्सलियों की तर्ज पर अब तीर बम का इस्तेमाल करने लगे हैं. चाईबासा में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को पकड़ा है, जो तीर बम से हमला करने की फिराक में थे.
फाइल फोटो

रांची. झारखंड में तीर-धनुष का इस्तेमाल नक्सली बम के रूप में कर रहे हैं. नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में आईईडी लगे तीर बम का इस्तेमाल पहली बार किया था. इस हमले में 12 जवान शहीद हो गए थे. परंपरागत तीर-धनुष को विस्फोटक की शक्ल देकर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के होश उड़ा दिए थे. जवानों के पास इस हमले का कोई जवाब नहीं था. जिस वजह से 12 जवान इस हमले में शहीद हो गए.

झारखंड के नक्सली भी छत्तीसगढ़ के नक्सलियों की राह पर चलने लगे हैं, जो सुरक्षाबलों के लिए एक चिंताजनक बात है. अभी तक सुरक्षाबल और नक्सलियों का आमना-सामना तो गोली से होता है, जिसमें सुरक्षाबल नक्सलियों पर भारी पड़ते हैं. लेकिन, झारखंड के चाईबासा में सुरक्षाबलों पर तीर बम से हमला करने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने दो नाबालिग समेत चार नक्सलियों को दबोच लिया. जिस कारण नक्सली हमला करने में कामयाब नहीं हो सके. यदि हमला हो जाता तो सुरक्षाबलों को भारी नुकसान होता. 

सखी मंडल ने सुधारी सुशीला भी जिंदगी अब शराब नहीं जनरल स्टोर की दुकान

तीर बम से पुलिस पिकेट पर हमला करने की योजना थी. नक्सलियों ने तीरों को मोडिफाई कर इसके अगले हिस्से पर आईईडी फिट करके तैयार किया हुआ था. उनके लिए इन तीरों को बनाना और चलाना काफी आसान और सस्ता पड़ता है. इस वजह से आईईडी लगे तीर नक्सलियों की पहली पसंद बन गए हैं. झारखंड में सुरक्षाबलों को अब निकट भविष्य में नक्सलियों से निपटने के लिए सतर्क रहना होगा क्योंकि अब उनका आमना-सामना गोली की बजाए आईडी लगे तीर बम से होगा. इसके लिए सुरक्षाबलों को पहले से ही तैयार रहना होगा.

अन्य खबरें