झारखंड की यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की कमी पर राज्यपाल का फैसला- जल्द नियुक्ति होगी शुरू

Indrajeet kumar, Last updated: Fri, 12th Nov 2021, 9:17 AM IST
  • झारखंड के विश्वविद्यालयों में 2008 के बाद कोई वैकेंसी नहीं हो पाई है. सिर्फ 30 प्रतिशत शिक्षक के भरोसे ही पठन पाठन का कार्य चल रहा है. लेकिन राज्यपाल रमेश बैस ने 51वें राज्यपाल सम्मेलन में कहा कि अब नई नियुक्तियां की जाएगी.
झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग ने विश्वविद्यालयों में 2008 के बाद कोई भर्ती नहीं की है. विश्वविद्यालय सिर्फ 30 प्रतिशत शिक्षकों की क्षमता पर कार्य कर रहा है. लेकिन अब नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. ये बातें झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन में आयोजित 51वें राज्यपाल सम्मेलन में कही. राष्ट्रपति ने अपने समापन भाषण में झारखंड के राज्यपाल का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की. राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम में सक्रियता से भाग लिया और अलग-अलग संगोष्ठी, कार्यशालाओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया.

मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृति योजना के तहत इस वर्ष अनुसूचित जनजाति के छह छात्र-छात्राओं को लंडन केव उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षण के लिए छात्रवृति दी गई है. प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर झारखंड अपार संभावनाओं वाला राज्य है. यह राज्य प्रयतकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र है.

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मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है उग्रवादियों को

राज्यपाल ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद आज कई राज्यों की समस्या बन गई है. झारखंड भी इससे अछूता नहीं है. लेकिन सुरक्षा बालों की सख्ती और सतर्कता से उग्रवादी संगठनों को निबटा दिया जा रहा है. सुरक्षा बाल अपने प्रयास से उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं. झारखंड में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सभी कार्यक्रमों को संकलित कर एक कैलेंडर तैयार किया गया है. जिसके बाद इस कैलेंडर को भारत सरकार को भेज दिया गया है.

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