सोरेन सरकार के नदी-तालाब में छठ पर रोक के खिलाफ जल आंदोलन, संशोधन करने की मांग

Smart News Team, Last updated: Tue, 17th Nov 2020, 5:53 PM IST
  • राज्य सरकार की ओर से रविवार को जारी हुए फरमान को लोगों ने अस्वीकार किया है. इसके खिलाफ जाकर उन सबने जल आंदोलन कर अपना गुस्सा प्रकट किया. इसके साथ ही फैसले में संशोधन करने की मांग भी की है.
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प्रदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले के खिलाफ जुमार नदी मोड़ में लोगों ने इकट्ठा होकर जल आंदोलन किया. साथ ही फैसले में संशोधन करने की मांग भी की है. ये सभी लोग सीएम की ओर से रविवार को जारी हुए आदेश को तुगलकी फरमान बता रहे हैं. उनका कहना है कि वैसे भी इस साल कोरोना के कारण लोगों में जागरुकता बढ़ गई है. उन्हें ये भी मालूम है कि एक दूसरे से कितने गज की दूरी बनाकर रखनी है. तो ऐसे में ये आदेश कि उचित नहीं है. लोगों ने इस निर्णय को हिंदू आस्था पर चोट पहुंचने वाला बताया है. उनका कहना है कि सरकार अपने फैसले में तत्काल रुप से संशोधन करे और उसे वापस ले.

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इससे पहले सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की थी उसमें लोगों को तालाब, नदी और डैम में छठ पूजा करने की मनाही थी. इन्हीं बातों पर गौर करते हुए लोगों ने अब मांग की है कि हेमंत सरकार अपना फैसला तत्काल रुप से वापस ले. साथ ही सरकार सभी को तालाब, नदी और डैम में छठ पूजा करनी की अनुमति दे. उन्होंने अपनी बात को पूरा करते हुए महामारी को आधार बनाया है.

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वहीं, रांची की मेयर आशा लकड़ा के नेजृत्व में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय सहित निगम की टीम ने आज जगन्नाथपुर तालाब, धुर्वा डैम, धुर्वा छोटा तालाब का निरीक्षण किया है. मेयर को इस दौरान धुर्वा डैम काफी सफाई दिखा. लेकिन, जगन्नाथ तालाब पहुंचने पर मेयर को गंदगी फैली मिली तो उन्होंने बुधवार तक इसे साफ करवाने के निर्देश भी दिए. डिप्टी मेयर ने भी कहा है कि नगर निगम इस बार महापर्व को लेकर तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि शहर में 42 तालाब और डैम पूरी तरह से तैयार है.

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