झारखंड में निचली अदालतों में फिजिकल सुनवाई करने की तैयारी शुरू

Smart News Team, Last updated: Fri, 15th Jan 2021, 5:44 PM IST
  • फिजिकल सुनवाई को दोबारा शुरू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी की गई कोविड-19 यूजर मैनुअल की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा.बिना मास्क के परिसर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे. हाईकोर्ट ने वकीलों को सुविधा अनुसार ऑड इवेन के आधार पर चैंबर खोलने का सुझाव दिया है
झारखंड में निचली अदालतों में फिजिकल सुनवाई करने की तैयारी शुरू

रांची: झारखंड राज्य में निचली अदालतों में फिर से फिजिकल सुनवाई शुरू करने की तैयारी तेजी से की जा रही है. होईकोर्ट ने निचली अदालतों में फिजिकल सुनवाई के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं. सुनवाई के लिए होईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. फिजिकल सुनवाई को दोबारा शुरू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी की गई कोविड-19 यूजर मैनुअल की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा. सभी को फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट के लिए अलग अलग कॉज लिस्ट जारी करनी होगी. फिजिकल सुनवाई के लिए कोर्ट की पूरी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही करनी होगी. हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने एसओपी सभी जिलों के प्रधान जिला जज की भेज दी है. हालांकि अभी फिजिकल सुनवाई के लिए तिथि जरिन्ही की गई है.

होईकोर्ट ने सभी राज्य की अदालतों को तीन तीन श्रेणियों में बांटा है और उसकी के अनुसार दिशा निर्देश जारी किए हैं. जिन जिलों में कोरोना के 50 से कम सक्रिय केस हैं, वहां 50 फीसदी फिजिकल और 50 फीसदी वर्चुअल कोर्ट बैठेगा। जिला जज रोटेशन के आधार पर फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट तय करेंगे। साथ ही विषयवार और कैडर के अनुसार कोर्ट की व्यवस्था भी करेंगे। जिन जिलों में 50 से 100 तक सक्रिय केस हैं, वहां एक तिहाई फिजिकल और दो तिहाई वर्चुअल कोर्ट बैठेगी.

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 इन अदालतों में याचिकाएं मौजूदा व्यवस्था के साथ-साथ ई-सेवा केंद्र से भी दाखिल की जा सकेंगी. 150 से अधिक सक्रिय केस वाले जिलों में एक चौथाई फिजिकल और तीन चौथाई वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई की जाएगी. इन जिलों में याचिका ड्राप ब़ॉक्स में डाली जाएगी. इन जिलों के जिला जज को विषयवार रोस्टर तैयार करने का अधिकार दिया गया है. साथ ही वर्चुअल और फिजिकल कोर्ट के लिए कॉज लिस्ट भी जारी करनी होगी.

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हाईकोर्ट की ओर से जारी की गाइडलाइन में कहा गया है कि न्यायालय परिसर में भी सभी कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. बिना मास्क के परिसर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे. सेनेटाइजेशन की भी व्यवस्था करना अनिवार्य है. सभी लोग निर्धारित दूरी का पालन करेंगे.न्यायालय परिसर के अंदर स्थित वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं. 

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वकीलों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना ज़रूरी है. चैंबर को सुबह दस बजे से शाम पांच तक ही खोलने की अनुमति दी गई है. रविवार और अन्य अवकाश के चैंबर को सैनेटाइज किया जाएगा. हाईकोर्ट ने वकीलों को सुविधा अनुसार ऑड इवेन के आधार पर चैंबर खोलने का सुझाव दिया है.

 

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