दर्दनाकः धनबाद में अवैध कोयला खनन कर रहे सात महिलाएं समेत 11 ग्रामीणों की मौत

Sumit Rajak, Last updated: Wed, 2nd Feb 2022, 6:46 AM IST
  • धनबाद के निरसा इलाके की तीन खदानों में मंगलवार को कोयले के अवैध खनन के दौरान चाल धंसने और मलबा गिरने से 11 ग्रामीणों की मौत हो गई. गोपीनाथपुर ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट में पांच, दहीबाड़ी के बंद सी पैच में तीन तथा कापासरा में तीन की मौत हुई. मृतकों में सात महिलाएं हैं.
फाइल फोटो

रांची. धनबाद के निरसा इलाके की तीन खदानों में मंगलवार को कोयले के अवैध खनन के दौरान चाल धंसने और मलबा गिरने से 11 ग्रामीणों की मौत हो गई. गोपीनाथपुर ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट में पांच, दहीबाड़ी के बंद सी पैच में तीन तथा कापासरा में तीन की मौत हुई. मृतकों में सात महिलाएं हैं. वही ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट के समीप करीब पांच बजे मलबा गिरने से आठ महिला-पुरुष दब गए. शाम तक एक लड़की, दो महिलाओं एवं दो पुरुषों के शव निकाले जा सके थे. यहां कुछ और ग्रामीणों के दबे होने की सूचना है. खबर लिखे जाने तक पुलिस की मौजूदगी में बचाव कार्य जारी था.

पंचेत में भी ऐसा ही दर्दनाक हादसा हुआ. यहां ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट क्षेत्र के बीसीसीएल सीवी एरिया के दहीबाड़ी के बंद सी पैच (आउटसोर्सिंग) में अवैध खनन के दौरान सुबह चाल धंसने से तीन महिलाओं की मौके पर मौत हो गई. आनन-फानन में परिजन और साथ में खनन कर रहे ग्रामीण शव को लेकर भाग गए. मरने वालीं महिलाएं पतलाबाड़ी बस्ती की रहने वाली थीं. सभी की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच है. पंचेत पुलिस घटनास्थल का जायजा लेने तक नहीं पहुंची. वही पिछले माह भी अवैध खनन के दौरान यहां दो लोगों की जान गई थी.

रांची: वकीलों के लिए खुशखबरी, बुधवार से सिविल कोर्ट में शुरू होगी फिजिकल सुनवाई

एक अन्य घटना में ईसीएल मुगमा क्षेत्र की कापासारा आउटसोर्सिंग कोलियरी में हुई. ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की देर रात 20-25 महिला-पुरुष अवैध खनन के लिए चालू खदान के अंदर सुरंग में घुसे थे. सुबह करीब पांच बजे जोरदार आवाज के साथ चाल धंसने से लगभग आठ-दस लोग मलबे में दब गए. इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई. इस घटना में चार-पांच लोगों के घायल होने की सूचना है. मरने वाले सभी निरसा क्षेत्र के बाहर के बताए जाते हैं. मृतकों में एक महिला भी शामिल है. हालांकि कोलियरी प्रबंधन व निरसा पुलिस ने घटना से इनकार किया है. 

धनबाद के एसपी रेश्मा रमेशन ने बताया कि गोपीनाथपुर में दबे लोगों में से पांच के शव ईसीएल के सहयोग से निकाले गए हैं. घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ईसीएल मुगमा क्षेत्र के महाप्रबंधक वीसी सिंह ने बताया कि गोपीनाथपुर ओसीपी पिछले दो महीनों से बंद है. बंद खदान मे लोग अवैध खनन कर रहे थे. ईसीएल प्रबंधन ने अपनी तरफ से रोकने की पूरी कोशिश की है. कोयला चोरों ने मेरी गाड़ी पर तीन बार हमला किया है. कोयला चोरी रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के पास लगातार पत्राचार करता रहा हूं.

 

अन्य खबरें