झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबगंज थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत की CBI जांच का आदेश

Smart News Team, Last updated: Wed, 1st Sep 2021, 7:37 PM IST
  • साहिबागंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत के बहुचर्चित मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को रूपा के पिता देवानंद उरांव की याचिका पर सीबीआई जांच का आदेश दिया है. झारखंड पुलिस और राज्य सरकार रूपा की मौत को आत्महत्या बता रही है.
साहिबागंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत की जांच करेगी सीबीआई.( फाइल फोटो)

रांची. झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबागंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया है. रूपा के पिता देवानंद उरांव ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी. कोर्ट ने इसी मामले में न्यायालय पर अनुचित टिप्पणी करने को लेकर महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता के खिलाफ अवमानना का केस चलाने का भी आदेश दिया है. 

हाईकोर्ट ने रूपा तिर्की की मौत की सीबीआई जांच को मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस माना. कोर्ट ने कहा कि यह केस सीबीआई के लिए फिट है. रूपा के पिता ने याचिका में कहा था कि उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है और सीबीआई जांच चाहते हैं.

3 मई को सरकारी क्वार्टर में फंदे में लटकी मिला था रूपा तिर्की का शव

रूपा तिर्की का शव 3 मई को साहिबगंज पुलिस लाइन के एक सरकारी क्वार्टर में फंदे से लटका मिला था. जिसके बाद मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई थी जिसने मामले की जांच करके रूपा तिर्की की मौत को प्रेम प्रसंग में आत्महत्या का केस बताया. इस मामले में एसआईटी और सरकार ने कमीशन ऑफ इंक्वायरी गठित की थी. जिसमें रूपा द्वारा आत्महत्या की बात सामने आई थी.

 पूर्व CM बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील तिवारी की जमानत याचिका पर जल्द आएगा फैसला, सुनवाई पूरी

जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. जस्टिस द्विवेदी ने आदेश में कहा है कि इस मामले में कई मामले संदेहास्पद हैं. रूपा तिर्की की मौत के बाद उनका बिसरा सुरक्षित नहीं रखा गया. प्रार्थी (रूपा के पिता) ने उनके शरीर पर पांच जगह पर जख्म होने की बात कही है. रूपा के परिजनों पर राजनीतिक दबाव भी बनाया गया. इस मामले में सत्ता के करीबी लोगों के नाम सामने आए हैं. फोन के कॉल डिटेल भी मिले हैं. रूपा के परिवार को प्रलोभन दिया गया. पेट्रोल पंप तक देने की बात की गई. अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों को देखने के बाद भी कई गड़बड़ी सामने आ रही है. ऐसे में यह मामला सीबीआई जांच के लिए फिट है. सीबीआई को मामले की जांच अविलंब शुरू करनी चाहिए.

एसआईटी जांच रिपोर्ट पर रूपा के पिता ने उठाया था सवाल

एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद थाना प्रभारी रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव ने संदेह उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की थी. पिता ने याचिका में कहा कि उनकी बेटी की हत्या की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकल पुलिस ने बेटी की मौत की सही समय से जानकारी नहीं दी और पूछने पर किसी भी पुलिस अधिकारी ने सही जवाब दिया. इस वजह से पुलिस की भी स्थिति संदेहजनक लगती है.

झारखंड के महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता पर हाईकोर्ट ने चलाया अवमानना का केस

रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव ने अदालत को बता कि साहिबगंज में पंकज मिश्रा नाम का एक राजनीतिक रसूख वाल आदमी संदेह के घेरे में है. रूपा की मौत के बाद एसआइटी हेड डीएसपी से पंकज मिश्रा की कई बार बात हुई है. पंकज मिश्रा का कॉल डिटेल कोर्ट में पेश करते हुए कहा गया कि एसपी, डीसी और डीएसपी से उसकी लगातार बात हुई है. अदालत को पिता ने बताया कि रूपा तिर्की कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रही थीं. इस कारण उनकी हत्या की साजिश रची गई और इसमें पंकज मिश्रा और कुछ पुलिस वाले भी शामिल हैं.

एक सदस्यीय जांच आयोग भी काम करता रहेगा

अदालत ने कहा है कि इस में मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय जांच आयोग भी सुनवाई करता रहेगा. इस आयोग को रद्द करने के लिए दायर याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. अदालत ने रूपा तिर्की मौत केस में दायर हस्तक्षेप याचिकाएं भी खारिज कर दीं और कहा कि सभी हस्तक्षेप याचिकाएं तथ्यों से परे थीं. कुछ राजनीतिक उद्देश्य से दाखिल की गई थीं.

अन्य खबरें