रांची: इकलौते मां सरस्वती मंदिर में एक साथ 3 शक्ति की देवीयों के लगते हैं नारे, जानें महत्व

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sat, 5th Feb 2022, 7:37 PM IST
  • रांची के पहाड़ी मंदिर परिसर में अवस्थित राज्य के इकलौते मां सरस्वती की मूर्ति के साथ दो अन्य शक्ति की देवीयों की प्रतिमा का दर्शन पाने के लिए शनिवार सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. मान्यता है कि यहां एक सुर में लगाए जाने वाले इन तीन नारों के जयघोष से भक्तों की हर कामना पूरी होती है. 
रांची के पहाड़ी मंदिर परिसर में अवस्थित राज्य के इकलौते मां सरस्वती की मूर्ति, फोटो: सोशल मीडिया

रांची. झारखंड की राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर परिसर में अवस्थित राज्य के इकलौते मां सरस्वती की मूत्ति के साथ दो अन्य शक्ति देवीयों की प्रतिमा का दर्शन पाने के लिए शनिवार सुबह से भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. पूरे दिन इस त्रिशक्ति देवी मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचने वालों में काफी उत्साह देखने को मिल रही है. आज सुबह से मंदिर परिसर में पहुंचने वालों भक्तों के बीच से पूजा के दौरान एक सुर में 3 नारों की गूंज लगातार सुनाई दे रही है.

राज्य भर में मां सरस्वती की एक मात्र मंदिर रांची में स्थित है, जहां एक सुर में पूजा के दौरान 3 नारे लगाये जाते हैं. जयघोष के दौरान बार-बार लगाए जाने वाले इन तीनों देवीयों से जुड़े नारों का विशेष महत्व है. पहला नारा मां काली के लिए, दूसरा नारा मां लक्ष्मी के लिए और तीसरा नारा मां सरस्वती के लिए लगाया जाता है. ये तीनों नारे एक सुर में भक्त लगाते हैं और यहां रोजाना मंदिर में आरती के दौरान सुनने व देखने को मिलती है. 

रांची के पहाड़ी मंदिर परिसर में अवस्थित मां सरस्वती से जुड़ी त्रिशक्ति देवी मंदिर के पंडित अजीत मिश्रा ने बताया कि एक सुर में 3 नारे लगाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. दूरदराज से लोग यहां अपनी मनोकामना लेकर आते हैं और एक सुर में 3 नारे लगाकर मां से सुख समृद्धि और अपने उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं. मान्यता ये है कि पहाड़ी मंदिर परिसर में मौजूद मां त्रिशक्ति देवी मंदिर में एक सुर में तीन नारे लगाने के बाद भक्तों द्वारा शक्ति की देवी से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है. सुबह से ही मंदिर में भक्तों की तांता लगी हुई है. भक्त मास्क पहनकर और हाथ जोड़कर मां सरस्वती से ज्ञान, सद्बुद्धि की मनोकामना कर रहे हैं.

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बता दें कि आज बसंत पंचमी है और आज के दिन समूचे भारत भर में विद्यार्थी समुदाय के साथ बाकी वर्ग के श्रद्धालुओं के बीच मां सरस्वती की पूजा अर्चना बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है. मान्यता है कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसी चीज है, जिससे लोगों का व्यक्तित्व निखरता है. और आज यानी हर साल बसंत पंचमी पर्व के शुभ मौके पर शिक्षा की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है. इसी के चलते विद्यार्थियों द्वारा चौक -चौराहों से लेकर गली -मोहल्लों में मां सरस्वती की प्रतिमा भव्य पंडाल लगाकर स्थापित की गई है. राजधानी रांची में कई प्रकार के पंडाल सजे हैं.

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