रांची : महंगे पानी कनेक्शन के खिलाफ सड़क पर उतरेंगी मेयर, 17 नवंबर को धरना प्रदर्शन

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sun, 14th Nov 2021, 5:23 PM IST
  • झारखंड में नई जल कर नियमावली लागू होने से पानी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपए की बजाय 7 हजार से लेकर 42 हजार रुपए तक चुकता करनी पड़ेगी. रांची मेयर ने 17 नवंबर को महंगी हुई पानी की दरो के लिए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
प्रतीकात्मक फोटो

रांची. झारखंड में नगर विकास विभाग द्वारा लागू किए गए नए जल कर नियमावली से लोग परेशान हैं. गरीबी रेखा से ऊपर जीवनयापन कर रहे परिवारों के आलावा बीपीएल कार्ड धारकों का परिवार (BPL) भी इससे अछूता नहीं है. नई जल कर नियमावली के लागू होने से सूबे का कोई परिवार 5000 लीटर पानी से अधिक खर्च करेगा तो उसे प्रति 1000 लीटर पानी के लिए 9 रुपए जल कर (Water Tax) देना पड़ेगा. इसके आलावा नए वाटर कनेक्शन में पहले की तुलना में 14 गुना की बढ़ोत्तरी भी की गई है. नए जल कनेक्शन चार्ज व जल टैक्स में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी के खिलाफ रांची मेयर ने 17 नवंबर को राजभवन के सामने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है और और इस धरना प्रदर्शन में अधिक संख्या में मौजूदगी दर्ज कराने के लिए लोगों से आह्वान भी किया है. आंदोलन के लिए जोरो-शोर से तैयारी भी चल रही हैं. 

मिली जानकारी के मुताबिक पहले राज्य में वाटर कनेक्शन के नाम पर 500 रुपए वहन करने होते थे मगर नए नियमावली के तहत यह बढ़ाकर 7 हजार रुपए से लेकर 42 हजार रुपए तक कर दी गई है. इस नियमावली से पहले प्रति 1000 लीटर पानी के लिए उपभोक्ताओं को 6 रुपए जल कर देना पड़ता था.

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17 नवंबर को नए जल कर नियमावली के खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान

रांची मेयर ने झारखंड सरकार की नई जल कर नियमावली के खिलाफ 17 नवंबर को धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है. रांची मेयर आशा लकड़ा ने राजभवन के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सभी सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों अपील की है. इस आंदोलन को बड़े पैमाने खड़ा करने व इसे जनांदोलन बनाकर सूबे की सरकार के नए जल कर नियमावली को जनविरोधी नीति साबित करने का अपील किया है.

रांची मेयर ने बताया कि पहले प्रति 1000 लीटर पानी के लिए 6 रुपये टैक्स चुकानी पड़ती थी मगर अब नए जल कर नियम के लागू होने से उपभोक्ताओं को 5 हजार से 50 हजार लीटर शुद्ध पेयजल के लिए 9 रुपए प्रति 1000 लीटर की दर से पानी टैक्स और 50 हजार से अधिक पेयजल का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 11 रुपए प्रति 1000 लीटर की दर से पानी टैक्स चुकाना पड़ेगा.

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इसके अलावा वाटर कनेक्शन के लिए पहले 500 रुपए देनी पड़ती थी मगर नए नियम के आने के बाद उपभोक्ताओं को कनेक्शन के नाम पर पहले की अपेक्षा 14 गुना अधिक यानी 7,000 रुपए चुकानी पड़ेगी और तो और नया वाटर कनेक्शन घर की स्क्वायर फीट के मुताबिक भी देनी होगी.

मिली जानकारी के मुताबिक आवासीय परिसर (घर की लंबाई चौड़ाई स्क्वायर फीट में ) के आधार पर पानी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से न्यूनतम 7 हजार रूपए और अधिकतम 42 हजार रुपए तक की चार्ज ली जाएगी. साथ ही पानी का कामर्शियल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओ से कनेक्शन के लिए प्रति स्क्वायर फीट 26 रुपए के हिसाब से भुगतान करना पड़ेगा.

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रांची मेयर आशा लकड़ा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि झारखंड सरकार की नई जल कर नियमावली नगर निगम परिषद की बैठक में प्रस्ताव के पारित होने के बाद नगर निगम में लागू होनी थी लेकिन परिषद ने इस प्रस्ताव को पारित नही किया था. इसके बावजूद भी सरकार द्वारा इस नए अधिसूचना को गैर कानूनी तरीके से राज्य में लागू किया गया है.

रांची नगर निगम परिषद की बैठक में पहले ही नए जल कर नियमावली के प्रस्ताव पर रोक लगाते हुए नगर आयुक्त से इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गई थी मगर उन्होंने इस प्रस्ताव पर बिना जानकारी दिए ही परिषद की बैठक में इसे लाया, जिसका सभी पार्षदों ने खुलकर विरोध किया था. इस नियमावली को लेकर रांची मेयर ने कहा कि सिर्फ उन्ही इलाको में नए वाटर कनेक्शन को फ्री किया गया है जहां नई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. साथ ही उन्होंने इस नए जल कर नियमावली को जनविरोधी नीति करार देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने वाटर कनेक्शन शुल्क में 14 गुना बढ़ोत्तरी करके जनविरोधी होने का प्रमाण दिया है.

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