रांची में मिलेगी इंजीनियरिंग और मेडिकल स्टूडेंट्स को फ्री कोचिंग, ऐसे होगा चयन

Sumit Rajak, Last updated: Tue, 30th Nov 2021, 9:09 AM IST
  • स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ‘आकांक्षा’ की तर्ज पर कल्याण विभाग ‘प्रेरणा’ के जरिए इंजीनियरिंग और मेडिकल की निशुल्क तैयारी कराएगा. सत्र 2022-23 से इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए 50 छात्र-छात्राओं और मेडिकल के लिए 25 छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा. रांची में होने वाले आवासीय ‘प्रेरणा’ कोचिंग सेंटर में नामांकन के लिए दसवीं पास अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के छात्र छात्राएं योग्य होंगे.
फाइल फोटो

रांची. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ‘आकांक्षा’ की तर्ज पर कल्याण विभाग ‘प्रेरणा’ के जरिए इंजीनियरिंग और मेडिकल की निशुल्क तैयारी कराएगा. सत्र 2022-23 से इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए 50 छात्र-छात्राओं और मेडिकल के लिए 25 छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा. रांची में होने वाले आवासीय कोचिंग के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव केके सोने सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है.

‘प्रेरणा’ के तहत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के वैसे छात्र- छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए कोचीन दी जाएगी. जो जैक की और से आयोजित आकांक्षा की प्रवेश परीक्षा की मेधा सूची में नीचे रह जाते हैं. आकांक्षा के लिए चयनित नहीं होने वाले इन कोटी के छात्र-छात्राओं को इनमें जगह दी जाएगी. इनमें योग्यता धारी शिक्षकों की सेवा ली जाएगी. जो शिक्षक आवासीय विद्यालय या सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं. उन्हें इस में प्रतिनियुक्त किया जाएगा. इसके लिए उन्हें वेतन के साथ-साथ हर दिन 500 रुपए मानदेय दिए जाएंगे. कल्याण विभाग ने शिक्षकों के चयन के लिए आदिवासी कल्याण आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का भी गठन किया है. यह कमेटी रांची में तैयार हुई या फिर खाली भवनों को चिन्हित करेगी. यह कमेटी कोचिंन में पढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय शिक्षकों और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवा ले सकती है. यह समिति ही कोचिंग सेंटर पर चयनित छात्र-छात्राओं के रहने उनके खाने-पीने और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगी.

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आदिवासी कल्याण आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी

कल्याण विभाग ने आदिवासी कल्याण आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है. यह समिति इसका संचालन देखेगी. समिति में आईटीडीए के परियोजना निर्देशक, रांची के कल्याण पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा नामित एक पदाधिकारी, स्थानीय केंद्रीय या नवोदय विद्यालय के प्राचार्य, आदिवासी कल्याण आयुक्त द्वारा मनोनीत एक पदाधिकारी और आवश्यकता के अनुरूप अध्यक्ष द्वारा विशेष आमंत्रित विशेषज्ञ सदस्य होंगे.

दसवीं पास छात्र-छात्राएं होंगे योग्य

प्रेरणा कोचिंग सेंटर में नामांकन के लिए दसवीं पास अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के छात्र छात्राएं योग्य होंगे. इंजीनियरिंग के लिए अनुसूचित जनजाति के लिए 10-10 छात्र-छात्रा, अनुसूचित जाति के लिए 6-6 छात्र-छात्रा,पिछड़ा वर्ग के 5-5छात्र-छात्रा, अल्पसंख्यक के 4-4 छात्र-छात्राओं का चयन होगा. वही मेडिकल की तैयारी के लिए अनुसूचित जनजाति के लिए 5-5 छात्र-छात्रा, अनुसूचित जाति के लिए 3-3 छात्र-छात्रा,पिछड़ा वर्ग के दो छात्र तीन छात्रा और अल्पसंख्यक के 2-2 छात्रों का चयन होगा. इसमें अगर किसी कोटि में सीट खाली रह जाती है तो राज्य स्तरीय समिति अन्य कोठी से उस सीट को भर सकेगी. कोचीन अवधि 2 साल की होगी. ‘प्रेरणा’ के लिए चयनित छात्र-छात्राओं का स्थानांतरण प्रमाण पत्र के आधार पर 11वीं में उनके अभिभावकों की सहमति से रांची के आवासीय या अन्य सरकारी स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा.

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