रिम्स के कोविड वार्ड में नहीं जाते सीनियर डॉक्टर, जूनियर कर रहे मरीजों का इलाज

Smart News Team, Last updated: 04/05/2021 10:53 PM IST
झारखंड की राजधानी रांची में स्थित रिम्स के ट्रामा सेंटर के कोविड-19 वार्ड में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सिर्फ पीजी कर रहे जूनियर डॉक्टर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को ड्यूटी पर लगाया जाता है. मेडिसिन वार्ड में भर्ती 25 मरीजों के लिए सिर्फ दो नर्स हैं. नर्सों का व्यवहार भी मरीजों के साथ सही नही हैं.
झारखंड राज्य का रांची रिम्स. (फाइल फोटो)

रांची : रांची के रिम्स के ट्रामा सेंटर में बने कोविड केयर अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भर्ती किया गया है. इन भर्ती मरीजों के इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में केवल पीजी कर रहे जूनियर डॉक्टर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को ही लगाया गया है. गंभीर मरीजों को देखने के लिए दिन में केवल एक बार क्रिटिकल केयर के इंचार्ज ही दौरा करते हैं. वही रिम्स की पुरानी बिल्डिंग में भर्ती गंभीर मरीजों को कोई भी सीनियर डॉक्टर देखने तक नहीं आता है. 

अस्पताल की हालत यह है कि मेडिसन वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीजों को कोई भी डॉक्टर देखने नहीं आता. मेडिसिन बोर्ड में 25 भर्ती मरीजों की देखभाल केवल 2 महिला नर्स करती हैं. मरीज को किसी तरह की परेशानी होने पर जब नर्सों को बुलाया जाता है तो वह भी गुस्सा करती हैं. स्थित इतना बुरा हो चुका है कि नर्स केवल दवा देने के लिए ही निकलती है. रांची रिम्स के कोविड वार्ड सी वन में भर्ती पुलिस विभाग से रिटायर रामजतन पांडेय पिछले 1 हफ्ते से कोरोना संक्रमण का इलाज करवा रहे हैं.

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उनके परिजन अस्पताल की बेकार व्यवस्था से परेशान हैं. उनको आए दिन डर लगा रहता है कि उनके पिता का कुछ हो न जाए. एक दूसरे मरीज के परिजन बताते हैं कि अस्पताल की व्यवस्था इतनी बुरी हो चुकी है कि डॉक्टर देखने तक नहीं आते हैं नर्स से किसी तरह की समस्या को बोलो तो वह कहती हैं कि मैंने तुम्हारे मरीज का ठेका ले रखा है.

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