रांची का रिम्स पता लगाएगा बीमारियों के अनुवांशिक कारण, 67 लाख की पहली किस्त मिली

Smart News Team, Last updated: Tue, 8th Jun 2021, 2:46 PM IST
  • लोगों में गंभीर बीमारियों के आनुवांशिक कारणों का पता लगाने के लिए रिम्स राष्ट्रीय स्तर पर शोध करेगा. इस कार्य में नीदरलैंड और दिल्ली के एम्स के शोधकर्ताओं की मदद ली जाएगी.
रिम्स करेगा शोध

रांची: लोगों में गंभीर बीमारियों के आनुवांशिक कारणों का पता लगाने के लिए रिम्स राष्ट्रीय स्तर पर शोध करेगा. इस कार्य में नीदरलैंड और दिल्ली के एम्स के शोधकर्ताओं की मदद ली जाएगी. भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने रिम्स को शोध कार्य के लिए 67 लाख रुपए पहली किस्त के तौर पर दी है.

रिम्स लोगों में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट और मेमोरी से संबंधित बीमारियों के आनुवांशिक कारणों का पता लगाएगा. शोध की दूसरी कड़ी में राज्य के शहरी और ग्रामीण आदिवासी आबादी को भी शामिल किया जाएगा.

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जानकारी के मुताबिक दिल्ली एम्स में शोध कार्य की जिम्मेदारी पद्मश्री डॉ कामेश्वर प्रसाद को दी गई थी, लेकिन बाद में इसमें रिम्स के शोधकर्ताओं को भी शामिल किया गया. इस शोध कार्य के लिए रिम्स प्रबंधन ने डॉ गणेश और डॉ अमित को भी जिम्मा सौंपा है. दिल्ली एम्स में शोध के लिए इकट्ठा किए गए 8 हजार सैंपल की जांच रिपोर्ट को इसमें शामिल किया गया है.

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1100 सैंपल का जीनोटाइप डेटा रिम्स के रिसर्च विंग को मिल गया है. रिसर्च की दूसरी कड़ी में लोगों को शामिल करने के बाद रिम्स के डॉक्टर राज्य के ग्रामीण इलाकों में जाकर इन गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की हिस्ट्री लेंगे, ताकि आनुवांशिक बीमारी का पता लगाया जा सके.

 

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