चारा घोटाला: आसान नहीं थी लालू यादव की गिरफ्तारी, CBI ने सेना से मांगी थी मदद

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Mon, 14th Feb 2022, 5:28 PM IST
  • राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने सेना की मदद की थी. जिसके बाद सेना ने तत्काल मदद से इनकार कर दिया था. इसके बाद जब सीएम आवास का सीबीआई ने घेराव किया तो लालू यादव ने दबाव में आकर कोर्ट में गिरफ्तारी दे दिया था.
CBI ने लालू यादव को अरेस्ट करने के लिए सेना की मदद मांगी थी, RJD नेता ने कोर्ट में किया था सरेंडर

रांची. अविभाजित बिहार के अरबों रुपए के बहुचर्चित चारा घोटाले में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को गिरफ्तार करने के लिए सीबीआई ने सेना की मदद मांगी थी. हालाँकि दबाव में आकर लालू यादव ने 30 जुलाई को सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. दरअसल चारा घोटाले में लालू यादव के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन वह जेल नहीं जाना चाहते थे. वहीं दूसरी तरफ बिहार पुलिस भी लालू यादव को गिरफ्तार करने की कोशिश से बच रही थी.

लालू यादव की गिरफ्तारी नहीं होता देख सीबीआई के तत्काल संयुक्त निदेशक यूएन विश्वास ने इसके लिए सेना की मदद मांगी थी. लालू यादव की गिरफ्तारी के लिए सेना की मदद मांगने पर उनकी तरफ से तत्काल मदद करने से इनकार कर दिया गया था. इस बिच 29 जुलाई 1997 की रात सीएम आवास को घेर लिया गया था. साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स  की तैनाती की गई थी. उस दौरान लालू यादव के समर्थक खुलेआम हिंसक विरोध की धमकी दे रहे थे. इसके बाद स्थिति से निपटने के लिए सेना की तैनाती तक की चर्चा होने लगी थी. जिसके बाद लालू यादव ने दबाव में आकर दूसरे दिन सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.

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चारा घोटाले में लालू यादव पहली बार 30 जुलाई 1997 को 135 दिन जेल में रहे थे. इसके बाद लालू यादव 28 अक्टूबर 1998 को दूसरी बार 73 दिन जेल में रहे थे. लालू यादव तीसरी बार जेल 5 अप्रैल 2000, उसके बाद  28 नवंबर 2000 में आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल गए थे. फिर लालू यादव चारा घोटाले के दूसरे मामले में 3 अक्टूबर 2013 में  70 दिन के लिए जेल गए थे. फिर वह 23 दिसंबर 2017 को चारा घोटाले के तीसरे मामले में जेल गए. फिर 24 मार्च 2018 को दुमका कोषागार से जुड़े चौथे मामले में सजा हुई. जिसके बाद करीब तीन साल बाद अप्रैल 2021 में जेल से जमानत पर रिहा हुए है.

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