छात्रवृत्ति हड़पने को स्कूलों ने की जालसाजी, फर्जी निकले 18000 बच्चों के आवेदन

Smart News Team, Last updated: 16/02/2021 02:36 PM IST
  • राज्य में शिक्षा विभाग की छात्रवृत्ति की धनराशि हड़पने के लिए जालसाजों का गैंग किस कदर सक्रिय है, भौतिक सत्यापन में अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप की धनराशि हड़पने के लिए अब तक 399 स्कूलों का फर्जीवाड़ा का खुलासा हो चुका है.
छात्रवृत्ति हड़पने को स्कूलों ने की जालसाजी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रांची : झारखंड राज्य में कुल 46551 पंजीकृत शिक्षण संस्थान है. शैक्षणिक सत्र 2020-21 में एकीकृत छात्रवृत्ति योजना के तहत उक्त पंजीकृत शिक्षण संस्थानों में से 43001 शिक्षण संस्थानों की ओर से आवेदन नहीं किए गए हैं. मौजूदा शैक्षणिक वर्ष में छात्रवृत्ति योजना के तहत राज्य के 3350 संस्थानों की ओर से छात्रों के स्कॉलरशिप आवेदन समाज कल्याण विभाग में जमा कराए गए थे. छात्रवृत्ति योजना के तहत प्राप्त हुए आवेदन पत्रों की कल्याण विभाग की ओर से भौतिक सत्यापन कराया गया तो नतीजे बेहद चौंकाने वाले सामने निकल कर आए. 

समाज कल्याण विभाग को आवेदन करने वाले 3350 संस्थानों में से 399 शिक्षण संस्थान भौतिक सत्यापन के दौरान फर्जी मिले जो कई वर्षों से बंद चल रहे हैं. फर्जी मिले इन विद्यालयों की ओर से अल्पसंख्यक श्रेणी के विद्यार्थियों की प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप हड़पने के लिए 18000 बच्चों के आवेदन किए गए थे. समाज कल्याण विभाग की डायरी में इन फर्जी स्कूलों में किसी का नामांकन नहीं हुआ और ना ही पढ़ाई होना दर्ज पाया गया है. फिलहाल समाज कल्याण विभाग की ओर से शिक्षण संस्थानों के वेरिफिकेशन का कार्य जारी है जो आगामी 20 फरवरी तक चलेगा. 

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ऐसे में अभी छात्रों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है. खास बात यह है कि समाज कल्याण विभाग की ओर से कराई गई जांच में कई नोडल अफसर भी फर्जी मिले हैं. उनका कहीं विभाग में लेखा-जोखा तक नहीं है. बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता मिलने पर सभी आवेदकों और उनके संस्थानों की जांच कराने का आदेश दिया था. इसी आदेश के अनुपालन के तहत समाज कल्याण विभाग छात्रवृत्ति योजना के तहत शिक्षण संस्थानों का भौतिक सत्यापन कर रहा है.

 

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