RIMS के अधीक्षक ने पेश की मिसाल, मृत मां का शरीर हॉस्पिटल को किया दान

Smart News Team, Last updated: 12/02/2021 01:47 PM IST
  • काफी लंबे समय से डॉ विवेक कश्यप की मां की तबीयत खराब चल रही थी. परिवार की आम सहमति से उन्होंने अपनी मां का शरीर रिम्स को दान करने का फैसला किया है. उनकी मां की भी इच्छा थी कि मृत्यु के बाद उनका पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार न कर उसे मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए डोनेट कर दिया जाए.
RIMS के अधीक्षक ने पेश की मिसाल, मृत मां का शरीर हॉस्पिटल को किया दान

रांची. रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप की मां भानु गुप्ता का गुरुवार को रिम्स में ही निधन हो गया. परिवार वालों ने रिम्स में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के लिए उनका शरीर दान करने का निण्रय लिया है. शुक्रवार तीन बजे एनाटॉमी विभाग में उनका शरीर दान किया जाएगा. डॉ विवेक कश्यप की मां की उम्र ज्यादा होने के कारण वो बहुत दिनों से स्वास्थ समस्यायों से जुझ रहीं थीं लेकिन गुरुवार को वो रिम्स में जिंदगी की जंग हार गई.

काफी लंबे समय से डॉ विवेक कश्यप की मां की तबीयत खराब चल रही थी. परिवार की आम सहमति से उन्होंने अपनी मां का शरीर रिम्स को दान करने का फैसला किया है. रिम्स के निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद ने अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतरीन डॉक्टर तैयार करने में इससे मदद मिलेगी.

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अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने कहा कि मां कई बीमारियों से ग्रस्त थीं और तमाम कोशिशों के बाद भी हम उन्हें नहीं बचा पाए. उन्होंने कहा कि मां ने कष्ट झेलकर न सिर्फ उन्हें डॉक्टर बनाया, बल्कि नई पीढ़ी कैसे बेहतर डॉक्टर बने इसके लिए भी सोचती थीं. उनकी भी इच्छा थी कि मृत्यु के बाद उनका पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार न कर उसे मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए डोनेट कर दिया जाए. उनकी इच्छा के अनुरूप उन्होंने मां का शरीर दान कर दिया.

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डॉ विवेक कश्यप के मुताबिक उनकी मां पिछले कई दिनों से रिम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती थीं. उन्हें क्रोनिक किडनी डिजीज, लीवर से संबंधित रोग के अलावा ओल्ड एज में होने वाली कई बीमारियां थीं. गुरुवार शाम को उनका निधन हो गया.

बता दें कि मेडिकल के छात्रों को पढ़ाई में डेडबॉडी से काफी मदद मिलती है. अक्सर अज्ञात लाशों को मेडिकल के छात्र इसके लिए इस्तेमाल करते हैं.

 

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