झारखंड सरकार की नियोजन नीति मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अब कल होगी सुनवाई

Smart News Team, Last updated: Wed, 4th Nov 2020, 1:18 PM IST
  • झारखंड सरकार की नियोजन नीति के तहत अधिसूचित जिलों में हुई शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब 5 नवंबर को सुनवाई होगी.
सुप्रीम कोर्ट

रांची: झारखंड सरकार की नियोजन नीति के तहत अधिसूचित जिलों में हुई शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में दाखिल याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में 4 नवंबर को तिथि निर्धारित थी. लेकिन किन्ही कारणों से अब इस मामले पर 5 नवंबर को सुनवाई होगी. इस मामले में प्रतिवादी सोनी कुमारी के अधिवक्ता ललित कुमार ने कहा कि पिछली बार हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था और प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की थी. लेकिन किन्हीं कारणों से अब यह मामला पांच नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.

गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट की वृहद पीठ ने राज्य सरकार की नियोजन नीति को असंवैधानिक घोषित कर दिया है. साथ ही इसके तहत 13 जिलों में हुए हाई स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को भी रद्द कर दिया था. इसके खिलाफ शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए राज्य सरकार को शिक्षकों को नहीं हटाने का आदेश दिया है.

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बता दें कि झारखंड सरकार ने 14 जुलाई 2016 को नियोजन नीति की अधिसूचना जारी की थी. इसके तहत 13 जिलों को अधिसूचित व 11 को गैर अधिसूचित जिला घोषित किया गया. इसमें 13 अधिसूचित जिलों की तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय नौकरी में स्थानीयता, जन्मस्थान के आधार वहीं के लोगों को ही नियुक्त करने का प्रावधान किया गया था. सरकार ने 10 साल के लिए यह प्रावधान किया था. इसके बाद इस नीति के तहत हाई स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जेएसएससी की ओर से विज्ञापन (संख्या 21-2016) निकाला गया. विवाद तब उठा जब इसके चलते गैर अधिसूचित जिलों के अभ्यर्थी अधिसूचित जिलों में नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे.

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