रिम्स के चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर नहीं लगी लगाम, नियमों की उड़ी धज्जियां

Smart News Team, Last updated: Mon, 8th Feb 2021, 2:31 PM IST
  • रांची में रिम्स के चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर लगाम लगाने का प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिम थमने का नाम नहीं ले रही है. रिम्स के दर्जनों चिकित्मक अभी भी निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में सेवा दे रहे हैं.
रिम्स अस्पताल (फाइल तस्वीर)

रांची में रिम्स के चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर लगाम लगाने का प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिम थमने का नाम नहीं ले रही है. रिम्स के दर्जनों चिकित्मक अभी भी निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में सेवा दे रहे हैं. हैरान करने वाली बात तो यह है कि कई चिकित्सक अपनी निजी ड्यूटी के कारण दिन भर अपने ओपडी और वार्ड से गायब रहते हैं. इस मामले को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रिम्स के अपर निदेशक डॉक्टर वाघमारे प्रसाद कृष्ण को मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.

रिपोर्ट सौंपने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने केवल एक सप्ताह का ही समय दिया था. बैठक को गुजरे एक सप्ताह से भी अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग को इसकी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि जब जांच और कार्रवाई की बात आती है तो प्रबंधन अपने पैर पीछे खींच लेता है. इस मामले में पहले हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर हेमंत नारायण का नाम भी सामने आया था.

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रिम्स के चिकित्सकों पर कोई कड़ी कार्रवाई न करने के कारण सभी बेखौफ होकर घूम रहे हैं. इतना ही नहीं, वह अपना निजी काम भी बिना डरे आसानी से कर रहे हैं. यहां के अधिकांश चिकित्सक बरियातू इलाके में ऑनकॉल ही उपलब्ध रहे हैं. बताया जा रहा है कि चिकित्सक रिम्स में इलाज कराने आने वाले लोगों को भी भड़काकर अपने निजी ठिकानों पर भेज देते हैं.

 

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