डायन बिसाही के शक में एक ही परिवार के तीन लोगों को रिश्तेदारों ने उतारा मौत के घाट

Prachi Tandon, Last updated: Sun, 26th Sep 2021, 10:28 AM IST
  • झारखंड में डायन बिसाही के शक में एक ही परिवार के तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया. दो महिलाओं समेत एक व्यक्ति को उन्हीं के रिश्तेदारों ने टांगी से काट दिया. 
अंधविश्वास के चलते झारखंड के एक गांव में तीन लोगों की हत्या.(सांकेतिक फोटो)

रांची. झारखंड के गुमला में अंधविश्वास के चलते तीन लोगों की हत्या कर दी गई. गुमला जिले के सदर थाना इलाके के लूटो गांव में शनिवार की रात को डायन बिसाही के आरोप में तीन लोगों की जान ले ली गई. जान लेने वाले कोई और नहीं बल्कि रिश्तेदार ही थे. एक ही परिवार के तीनों लोगों की टांगी से काटकर हत्या की गई. अंधविश्वास के चलते हत्या करने वालों में पुलिस ने दो लोगों को अरेस्ट किया है. वहीं मर्डर के आरोपी कुछ लोग अभी भी फरार हैं. पुलिस फिलहाल मर्डर के पीछे की असली वजह की तलाश कर रही है. हत्या की जानकारी मिलने पर गुमला से पुलिस की टीम गांव के लिए रविवार की सुबह रवाना हुई है. एक परिवार के तीन लोगों की हत्या से इलाके में डर का माहौल बना हुआ है. 

गुमला के लूटा गांव में रहने वाले बंधन उरांव, उनकी पत्नी सोमारी देवी व बहू बासमनी देवी की टांगी से काटकर हत्या कर दी गई. अंधविश्वास का शिकार हुए एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने एक बार फिर सभी को हिलाकर रख दिया है. डायन बिसाही एक तरह का अंधविश्वास है जिसके चलते हाल ही में एक परिवार के पांच लोगों की हत्या कामडारा में कर दी गई थी. झारखंड में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं. डायन बिसाही अंधविश्वास की अधिकतर घटनाएं झारखंड से सामने आ रही हैं. इसके लिए सरकार और प्रशासन लगातार लोगों को जागरुक करने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लग रही है. झारखंड सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरुक होना बहुत जरूरी है. लोगो में जागरुकता फैले इसके लिए हर साल झारखंड सरकार 1 करोड़ 20 लाख का फंड अलग से रखा है.  

BJP नेता जीतराम मुंडा की हत्या में बड़ा खुलासा, मनोज मुंडा के कहने पर PFLI के शूटर ने मारी थी गोली

झारखंड में हर साल डायन बिसाही अंधविश्वास के कारण औसतन 50 लोगों की हत्या होती है. इस अंधविश्वास का शिकार अधिकतर महिलाएं होती हैं. डायन बिसाही को लेकर कई मामलों में सामने आया है कि अधिकतर हत्याएं निजी लाभ के लिए की जाती हैं. इसी के साथ डायन बिसाही में तांत्रिक और अंधविश्वास में पड़ने के कारण भी लोगों की हत्याएं की जाती हैं. आदिवासी इलाकों में इस तरह के मामले आए दिन सामने आते हैं. सरकार और प्रशासन लोगों को जागरुक करने का प्रयास कर रहा है लेकिन अभी भी इस कुप्रथा के खिलाफ लंबी लड़ाई बाकी है. 

अन्य खबरें