रांची: मनरेगा की मज़दूरी दर बढ़ाने की अपील, राज्य सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र

Smart News Team, Last updated: Wed, 3rd Feb 2021, 1:17 PM IST
  • हेमंत सोरेन सरकार ने मनरेगा की मजदूरी दर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है. और झारखंड में मनरेगा की मजदूरी दर बढ़ाये जाने का आग्रह किया है.
हेमंत सोरेन (फ़ाइल फ़ोटो )

राँची: राज्य में मजदूरी दर कम रहने के कारण मनरेगा योजना में श्रमिकों की रुचि अपेक्षित तौर पर कम दिखती है. इसी के मद्देनज़र राज्य सरकार ने एक पहल की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखते हुए झारखंड में मनरेगा की मजदूरी दर बढ़ाये जाने का आग्रह किया है. उन्होंने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार के स्तर से श्रमिकों का न्यूनतम कृषि मजदूरी दर 295.8 रुपया तय किया गया है. ऐसे में इसी रेट को देखते हुए मनरेगा की वर्तमान मज़दूरी दर बढ़ायी जाये.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे गये पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि मनरेगा में मज़दूरी दर बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के स्तर से कई बार पूर्व में भी की गयी है. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा फिलहाल राज्य में मनरेगा के तहत अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी दर 194 रुपये प्रतिदिन तय किया गया है. यह दर किसी भी राज्य के लिए तय दर से कम है. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग, झारखंड (अधि सं 1297, 13-11-2020) के द्वारा अकुशल श्रमिकों को 295.8 रुपये दिये जाने का प्रावधान तय किया जा चुका है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में दी जा रही मज़दूरी दर 194 रुपये है.

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इस तरह से मनरेगा के न्यूनतम मजदूरी दर और राज्य सरकार के न्यूनतम मजदूरी दर में 101.8 रुपये का अंतर है. इतनी कम मजदूरी दर झारखंड जैसे गरीब राज्य के मजदूरों के हितों के विपरीत है. मनरेगा में इसके कारण आकर्षण कम हो रहा है. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी दर 295.8 रुपये को ही मनरेगा श्रमिकों के लिये भी तय किया जाये. इससे राज्य में मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की रुचि बढ़ेगी. ग्रामीण विकास को और रफ्तार भी मिलेगी.

 

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