आपराधिक मामलों में आया नया प्रावधान, फैसला आने तक जमानतदार नहीं बदल सकेंगे मोबाइल नंबर

Smart News Team, Last updated: Tue, 16th Feb 2021, 7:47 AM IST
  • नए प्रावधान के तहत आपराधिक मामलो में अदालत का फैसला आने तक जमानतदार अपना मोबाइल नम्बर नहीं बदल सकेंगे. साथ ही उन्हें शपथपत्र भी जमा करना होगा.
आपराधिक मामलों में आया नया प्रावधान, फैसला आने तक जमानतदार नहीं बदल सकेंगे मोबाइल नंबर

रांची. झारखंड में अब अपराधी किसी भी मामले में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अपना मोबाइल नम्बर नहीं ब्लड सकेंगे. वह तब तक अपना मोबाइल नम्बर नहीं बदल सकेंगे जब तक मामले का फैसला नहीं हो जाता. इतना ही नही अपराधियों को इसके लिए शपथपत्र भी जमा करना होगा कि वह केस के सुनवाई तक अपना मोबाइल नम्बर नहीं बदलेंगे. वही इस प्रावधान को पांच हजार से अधिक निजी मुचलके पर जमानत देने पर लागू किया गया है.

पुलिस ने नियम इस लिए बनाया है क्योंकि बहुत से अपराधी जमानत मिलने के बाद सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर नहीं होते है. वहीं उन्हें कई बार इसके लिए नोटिस भी भेजी जाती है फिर भी वह कोर्ट में उपस्थित नहीं होते है. साथ ही आरोपी और जमानतदार के मोबाइल नम्बर या तो बन्द या अस्तिव में नहीं मिलता है. जिससे आपराधिक मामले कोर्ट में लंबित ही रह जाते है और अपराधी जल्दी अदालत में पेश नहीं होते है. इन्ही सभी समस्याओं से निपटने के लिए इस नए प्रावधान को लाया गया है.

झारखंड के 8वीं के छात्रों को मिलेगी साइकिल, 122 करोड़ रुपए का आएगा खर्चा

इस नए प्रावधान के तहत अदालत में केस फाइल करने के दौरान वादी को अपना ईमेल आईडी देना पड़ रहा है. साथ ही जमानतदार को केस का फैसला नहीं आ जाने तक अपना मोबाइल नम्बर नहीं बदलने का शपथपत्र भी जमा करना पड़ रहा है. वहीं जानकारी के अनुसार अगर किसी आटोपि को 10 हाजर रुपए के दो निजी मुचलके पर जमानत मिलती है तो उसे तीन व्यक्तियों की जरूरत पड़ती है, दो जमानतदार और एक पहचानी की. जिन्हें अब नए प्रावधान के तहत तीनों को अपना मोबाइल नम्बर नही बदलने का शपथपत्र देना होगा.

झारखंड: स्कूलों में प्रैक्टिकल के लिए होंगे अलग शिक्षक, 2237 पदों पर होगी भर्ती

अन्य खबरें