टुसू पर्व पर अपने अपने घरों में पहुंचे कारीगर, बाजार में रहा बंदी जैसा असर

Smart News Team, Last updated: Thu, 14th Jan 2021, 6:41 PM IST
नारी शक्ति और सम्मान का प्रतीक टुसू पर्व पर होटल रेस्टोरेंट और दुकानों पर काम करने वाले वर्करों के घर चले जाने के कारण राजधानी रांची के बाजारों में बंदी जैसा असर रहा. सबसे ज्यादा असर खानपान के प्रतिष्ठानों पर देखा गया.
टुसू पर्व पर अपने अपने घरों में पहुंचे कारीगर, बाजार में रहा बंदी जैसा असर

रांची .झारखंड राज्य में मकर संक्रांति के साथ मनाया जाने वाला टुसू पर्व का असर अब बाजारों में दिखने लगा है. टुसू पर्व को मनाने के लिए राजधानी रांची के बाजारों में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारियों अपने घर को लौट गए हैं. इससे कर्मचारियों की कमी के कारण राजधानी रांची के बाजार बंद जैसे नजर आए. सबसे ज्यादा असर होटल रेस्टोरेंट एवं खाद्य पदार्थों के प्रतिष्ठान पर देखने को मिला. वही राजधानी रांची के बाजार के कई प्रतिष्ठान तो पूरे दिन बंद रहे.

बता दें कि आदिवासी समाज द्वारा टुसू महोत्सव को बड़ी ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस पर्व को लेकर लोगों की प्राचीन परंपरा और संस्कृति भी जुड़ी है. ज्यादातर लोग इस पर्व को अपने घर परिवार के बीच मनाना चाहते हैं. यही कारण है कि राजधानी रांची शहर झारखंड राज्य के शहरों में काम कर रहे गांव के कर्मचारी पर्व मनाने के लिए अपने घर वापस लौट गए हैं.

नारी शक्ति और सम्मान का प्रतीक टुसू पर्व पर होटल रेस्टोरेंट और दुकानों पर काम करने वाले वर्करों के घर चले जाने के कारण राजधानी रांची के बाजारों में बंदी जैसा असर रहा. सबसे ज्यादा असर खानपान के प्रतिष्ठानों पर देखा गया.

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राजधानी रांची के व्यापारियों का कहना है कि बाजार की यह स्थिति अगले 2 दिन तक और रहेगी. उसके बाद कर्मचारियों के वापस आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. इस बीच बाजार बंद शरीके ही नजर आएंगे.

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