स्वस्थ सेहत का हिस्सा आयुर्वेद चिकित्सा, निरोग गांव अभियान की शुरुआत

Smart News Team, Last updated: 21/11/2020 08:48 PM IST
  • भले ही आज के दौर में एलोपैथी चिकित्सा से बीमारियों का इलाज कराना आम लोगों की पद्धति बन गई है. लेकिन एलोपैथी चिकित्सा सभी बीमारियों का इलाज करने में सक्षम नहीं है. आज भी आयुर्वेद चिकित्सा स्वस्थ शरीर का हिस्सा बनी हुई है.
रांची प्रखंड के कोकदोरो गांव में आयुर्वेद चिकित्सालय का शुभारम्भ हुआ

रांची . यह बात आयुर्वेद चिकित्सक डॉ एसके चौधरी ने रांची प्रखंड के कोकदोरो गांव में आयुर्वेद चिकित्सालय के शुभारंभ मौके पर निरोग गांव अभियान की शुरुआत करते हुए कहीं. डॉ चौधरी ने कहा कि एलोपैथी में रोग का त्वरित निदान तो संभव है लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति आज भी रोग का जड़ से नाश करने के लिए श्रेष्ठ है. पुराने दौर में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति का नामोनिशान तक नहीं था. हमारे पूर्वज आयुर्वेदिक चिकित्सा के चरक संहिता में बताए गए उसको को अपनाकर जटिल से जटिल रोगों का सफल निदान करते थे.

आयुर्वेद चिकित्सालय के शुभारंभ मौके पर मौजूद निरोग गांव अभियान से जुड़े आबिद अंसारी और नईम अख्तर ने संयुक्त रूप से बताया कि आयुर्वेद चिकित्सालय की शुरुआत होने से गांव के हर व्यक्ति को चिकित्सा परामर्श निशुल्क दिया जाएगा. बताया कि इस चिकित्सालय खोलने का उद्देश्य आयुर्वेद पद्धति से इलाज कर लोगों के साथ ही पूरे गांव को निरोगी बनाना है. बताया इस चिकित्सालय में पुराने से पुराने लोगों का इलाज किया जाएगा. केवल दवा के ही पैसे लिए जाएंगे.

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उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के साथ ही गांव में एक पैथोलॉजी की भी शुरुआत की गई है. इस पैथोलॉजी में सभी तरह के खून की जांच के साथ ही मल मूत्र कोमा हार्मोन के भी दक्ष तकनीकी यों के माध्यम से सैंपल लिया जाएगा. आयुर्वेदिक चिकित्सालय शुभारंभ मौके पर शमीम अख्तर नदीम अख्तर शराफत अंसारी हाजी यूनुस आसिफ अली मजहरुल अंसारी अजहर अंसारी शहद बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे.

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