Diwali 2021: दीपावली से पहले क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली, जानें इसकी पौराणिक कथा

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 3rd Nov 2021, 12:54 PM IST
  • दीपावली से एक दिन पहले छोटी दिवाली (Choti Diwali) मनाई जाती है. इसे रूप चौदस (Roop Chaudas), यम दिवाली (Yam Diwali) या नरक चतुर्दशी (Naraka Chaturdashi) भी कहा जाता है. इस बार दिवाली का त्योहार 4 नवंबर है.आइये जानते हैं दिवाली से पहले छोटी दिवाली मनाने की परंपरा और पौराणिक कथा के बारे में.
दिवाली से जुड़ी पौराणिक कथा.

प्रकाश पर्व दीपावली हिंदू धर्म का खास त्योहार होता है और देशभर में इसे पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है. दिवाली को लेकर अलग-अलग मान्याएं और कथाएं सुनने को मिलती है. कुछ जगह दीपावली मनाने का कारण 14 साल बाद श्री राम का अयोध्या आना बताया जाता है तो दूसरी मान्यता यह भी है कि इस दिन श्री कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था. इसलिए ये त्योहार मनाया जाता है. दिवाली को लेकर कई कहानी और पौराणिक कथाएं सुनने को मिलती है. आइये जानते हैं कि दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है.  

नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली की पौराणिक कथा- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरकासुर नाम का एकराक्षस था. नरकासुर ने बहुत शक्तिशाली था और उसने अपनी शक्तियों का गलत गलत दुरुपयोग कर 16 हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था. इसके बाद सभी बंदी स्त्रियों ने राक्षस के अत्याचार से परेशान होकर मदद के लिए भगवान कृष्ण को पुकारा. तब भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया और सभी स्त्रियों को नरकासपर से आजादी मिली. 

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कहा जाता है कि, सभी स्त्रियों को समाज में सम्मान और मान्यता दिलाने के लिए भगवान कृष्ण ने फिर सभी स्त्रियों को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया.  इसलिए कहा जाता है कि कृष्ण भगवान की 16 हजार पत्नियां थीं. सभी ने नरकासुर के वध की खुशी में अपने घर में दीपक जलाए. तब से नरक चतुर्दशी अथवा छोटी दीवाली मनाई जाने लगी.

छोटी दिवाली पूजा शुभ मुहूर्त

3 नवंबर 2021- सुबह 09:02 बजे से

4 नवंबर 2021- सुबह 06:03 बजे तक

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