रांची: क्रिसमिस का दिन खास, फिर भी टोप्पो उदास

Smart News Team, Last updated: 15/12/2020 11:41 PM IST
  • एक जमाने में क्रिसमिस डे पर्व पर खुशियां बांटने वाले कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो आज उदासी में रहकर अपने एकाकी जीवन को व्यतीत कर रहे हैं. एक जमाना था जब क्रिसमस डे की आगमन पर रविवार की मिस्सा पूजा उनकी अगुवाई में ही हुआ करती थी. अब यादें ही उनके जीवन का सहारा बनी हुई है.
फाइल फोटो

रांची . कार्डिनल टोप्पो का जन्म 5 अक्टूबर 1939 में चैनपुर गुमला में हुआ. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज मैं पढ़ाई करने के बाद टोप्पो ने रोम के पोंटिफिकल अल्बानिया विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की. 3 मई 1969 को टोप्पो पुरोहित बने. दुमका और जमशेदपुर के आर्चबिशप भी रहे. साल 2003 में पोप जान पॉल द्वितीय ने टोप्पो को कार्डिनल पृष्ठ बनाया. आज टोप्पो की उम्र 75 साल की हो गई है. संत गिरजाघर की निशा हो या कोई अन्य आयोजन टोप्पो के पहुंचने के बाद ही चारों तरफ माहौल बन जाया करता था लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर आकर टोप्पो की सामाजिक गतिविधियां थम कर रह गई है.

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इस क्रिसमस डे पर उनके चाहने वाले खासकर झारखंड और आदिवासियों के लिए उनके विचार और उनकी मुस्कान ही उनका आशीर्वाद बनकर रह गई है. कैथोलिक ईसाइयों के लिए बड़ी धार्मिक जिम्मेदारी निभाने वाले टोप्पो अपने सेवकों के भरोसे ही एकांत का जीवन गुजार रहे हैं.

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