Diwali 2021: दिवाली से पहले क्यों मनाया जाता धनतेरस, पढ़ें पौराणिक कथा

Priya Gupta, Last updated: Sun, 17th Oct 2021, 10:06 AM IST
  • अमृत कलश के अमृत का पान करके देवता अमर हो गए थे. इसीलिए आयु स्वास्थ्य की कामना के लिए धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाता है.
दिवाली से पहले क्यों मनाया जाता धनतेरस

हर धर्म में धनतेरस को लेकर अलग-अलग मान्यता बताई गई है. जैन धर्म में कहा जाता है कि भगवान महावीर इस दिन ध्यान द्वारा योग निरोध के लिए चले गए थे.तीन दिन के ध्यान के बाद योग निरोध करते हुए वे दीपावली के दिन निर्वाण को प्राप्त हुए थे. तभी से यह दिन धन्य तेरस के नाम से भी प्रसिद्ध हुआ. वहीं हिंदू धर्म में कहा गया है कि धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. अमृत कलश के अमृत का पान करके देवता अमर हो गए थे. इसीलिए आयु स्वास्थ्य की कामना के लिए धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाता है.

कहा जाता है कि इस दिन धन्वंतरि का जन्म हुआ था. धन्वंतरि जयंती को आयुर्वेदिक दिवस घोषित किया गया है. धन्वंतरि देवताओं के चिकित्सक हैं और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं इसलिए चिकित्सकों के लिए धनतेरस का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. धन्वंतरि के बताए गए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी उपाय अपनाना ही धनतेरस का प्रयोजन है.धन्वंतरि के अलावा इस दिन यम, लक्ष्मी, गणेश और कुबेर देव की भी पूजा होती है.कहते हैं कि धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त जहां दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती है.

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दिवाली के एक दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है. धनतेरस पर नए बर्तन या सोने, चांदी के आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है. इस साल त्रयोदशी 2 नवंबर रात 09:30 से अगले दिन 3 नवंबर शाम 05:59 तक रहेगा.

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