कार्यशाला में मिट्टी की मूर्ति बनाना सिखा रहे नामचीन मूर्तिकार दिलेश्वर लोहरा

Smart News Team, Last updated: 10/12/2020 10:49 PM IST
  • चुटिया रांची के भारतीय लोक कल्याण संस्थान कला एवं शिल्प शिक्षण केंद्र मैं आयोजित चार दिवसीय मूर्तिकला प्रतियोगिता के अंतिम दिन गुरुवार को प्रसिद्ध मूर्तिकार दिलेश्वर लोहरा ने आर्ट एंड क्राफ्ट के कलाकारों को मिट्टी की मूर्ति बनाने के गुर सिखाए.
भारतीय लोक कल्याण संस्थान कला एवं शिल्प शिक्षण केंद्र में मिट्टी की मूर्ति बनाना सिखा रहे नामचीन मूर्तिकार दिलेश्वर लोहरा

रांची . इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के तत्वाधान में संचालित एक वर्षी पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन ट्राईबल आर्ट एंड क्राफ्ट के तहत आयोजित इस प्रायोगिक कक्षा में बीते 3 दिनों में मिट्टी से चिड़ियों का सांचा बनाने के बारे में जानकारी दी गई. प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग कर इन मूर्तियों को बेहतर ढांचा निर्माण करने का भी प्रशिक्षण दिया गया.

झारखंड राज्य के नामचीन मूर्तिकार दिलेश्वर लोहरा ने शिल्पकार ई एवं मूर्तिकला के माध्यम से मिट्टी से इंसान का चित्र तैयार करने की विधि और उसकी आधारभूत जानकारियां दी. बताया कि क्ले मॉडलिंग में इंसान का चित्र बनाने के लिए लकड़ी का आर्मेचर तैयार कर उस आर्मेचर में मिट्टी लगाकर चित्र बनाया जाता है. उन्होंने कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियों को मिट्टी से इंसान की नाक आंख और चेहरे की भाव भंगिमा के साथ आकृति प्रदान करने के गुड तरीके बताएं. कहां की झारखंड में मूर्ति कला में काफी कम शिल्पकार निकल कर सामने आ रहे हैं. कार्यशाला और प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से मूर्ति कला और शिल्प कारी के क्षेत्र में बेहतर मूर्तिकार निकल कर सामने आएंगे और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करेंगे.

धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता की जान, खूंटी से जिले की पहचान

कार्यशाला में मौजूद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर कुमार संजय झा ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मूर्ति कला एवं पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए संस्थान निरंतर सहयोग करता चला आ रहा है. प्रशिक्षण शिविर में कोर्स समन्वयक सुमेधा सेन गुप्ता के अलावा चंद्रदेव सिंह, अमृत कांडुलना, प्रतिभा तिग्गा, बोलो उराव, संजय वर्मा, दीक्षा सिन्हा आदि प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे.

अन्य खबरें