Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी को नहीं करना चाहिए चंद्र दर्शन, जानें गणपति की पूजा विधि

Anuradha Raj, Last updated: Tue, 7th Sep 2021, 12:51 PM IST
  • 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी है, इस दिन विघ्नहर्ता को लोग घर लाते हैं, और विधि-विधान से पूजा अर्चना करते हैं. हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी की विशेष मान्यता है. 
गणेश चतुर्थी

इस साल 2021 में 10 सितंबर को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी. ऐसी मान्यता है कि विनायक का मध्याह्न में अवतरण हुआ था. इस दिन को कलंक चतुर्थी और शिवा चतुर्थी के नाम से भी जाता जाता है. गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए. इस दिन अगर आप चंद्र के दर्शन से नहीं बचे तो आपके ऊपर कोई झूठा कलंक भी लग सकता है. बिलकुल वैसे ही जैसे स्यमंतक मणि को चुराने का आरोप श्रीकृषण पर लगा था. अगर गलती से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन हो जाए तो कलंक चतुर्थी की कृष्ण-स्यमंतक कथा को पढ़ने और विद्वत्जनों से सुनने पर गणेश जी क्षमा कर देते हैं. 

दूज का चांद भी इसके साथ देखना बेहद ही जरूरी होता है, इससे आप कलंक से बच सकते हैं. विनायक द्वारा बताए गए तरह-तरफ के उपाय के जरिए आप अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर सकते हैं. गणेश जी के पीली कांतिवाले स्वरूप से शत्रुओं से रक्षा हो सकती है. बल-शक्ति लाल रंग के घणेश जी द्वारा प्राप्त होती है. हरे रंग के गणेश जी की पूजन करने से धन की इच्छा पूरी हो जाती है. सफेद रंग के गणेश जी की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. अगर आप तीनों समय गणपति का ध्यान और जाप करेंगे तो कार्यों में सफलता मिलेगी.

ऐसे करनी चाहिए पूजा

घणपति पूजा में इस दिन 21 मोदक अर्पण करना चाहिए और ,साथ ही प्रार्थना करते हुए इस श्लोक का जाप करना चाहिए- विघ्नानि नाशमायान्तु सर्वाणि सुरनायक. कार्य में सिद्धिमायातु पूजिते त्वयि धातरि.

इस बात का जरूर ध्यान रखें गणेश जी को जो भी अर्पित करें सबसे पहले उनके सेवकों गणेश, गालव, गागर्य, मंगल और सुधाकर को देना चाहिए. दिन में चंद्रमा, गणेश और चतुर्थी माता को अर्घ्य अर्पित करें. ऐसा देखा गया है कि कोई भी विघ्न आने से मनुष्य घबरा जाता है. ऐसे में अगर आप गणेश जी की पूजा करेंगे तो सारे विघ्न खत्म हो जाएंगे.

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