Karwa Chauth Chand Timing In Ranchi: जानें करवा चौथ के दिन रांची में कितने बजे दिखेगा चांद ?

Naveen Kumar Mishra, Last updated: Fri, 22nd Oct 2021, 2:35 PM IST
  • रांची सहित पूरे झारखण्ड में करवा चौथ को लेकर महिलाओं के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है. 24 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत है.महिलाएं करवा चौथ के व्रत को प्रेम के पर्व के रूप में मनाती हैं. पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए करवा चौथ का व्रत किया जाता है.
रात 7.42 बजे रांची में दिखेगा चांद, प्रतीकात्मक फोटो

रांची। राजधानी रांची सहित पूरे झारखण्ड में करवा चौथ को लेकर महिलाओं के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है. 24 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत है. करवा चौथ का व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाएं चांद का दीदार करने के लिए बेताब रहती हैं. पटना की महिलाएं रात 7 बजकर 42 मिनट पर चांद का दीदार करेंगी. महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं. चांद को देखने और उसकी पूजा करने के बाद ही महिलाएं अपना व्रत पूरा करती हैं.

करवा का अर्थ है मिट्टी का बर्तन

करवा चौथ में सबसे जरूरी करवा होता है. करवा का अर्थ मिट्टी के बर्तन से है. करवा चौथ में सुहागिन औरतें करवा यानी मिट्टी के बर्तन की पूजा करती हैं और करवा माता से अपने पति के लिए विशेष प्रार्थना करती हैं. महिलाएं करवा चौथ के व्रत को प्रेम के पर्व के रूप में मनाती हैं. 

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आभूषणों की मांग बढ़ी

इन दिनों करवाचौथ को लेकर सोने- चांदी के दुकानों में भीड़- भाड़ देखी जा रही है. मंगलसूत्र और गोल्ड चेन की खूब बिक्री हो रही है. महिलाएं सोने और चांदी के आभूषण जमकर खरीद रहें हैं. बात- चीत के दौरान कई दुकानदारों ने बताया कि महिलाएं गहनों के डिजाइन को लेकर काफी सलेक्टिव रहती हैं.    

कार्तिक माहिने में करवा चौथ मनाते हैं

करवा चौथ का व्रत कार्तिक महिने के कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं पति की मंगल कामना और लंबी उम्र के लिए निर्जला यानी बीना पानी पीये व्रत रखती हैं. चंद्रमा को अर्ध देकर पति के हाथों से पानी पीकर महिलाएं अपना व्रत पूरा करती हैं. व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाएं चलनी से चांद को देखने के बाद चलनी में ही पति के मुखड़े को देखती हैं. करवा चौथ के दिन ही संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व होता है. संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश के उपासना का पर्व होता है.

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