Navratri 2021: आखिर नवरात्रि में क्यों बोई जाती है जौं, यहां जानें कारण

Anuradha Raj, Last updated: Fri, 1st Oct 2021, 5:12 PM IST
  • नवरात्रि के पर्व का हिंदू धर्म में बहुत ही ज्यादा महत्व होता है. इस दौरान भक्तगण विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं. मान्यता है जो सच्चे मन से मां भगवती की अराधना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है.
Navratri 2021

हिंदू पंचांग में बहुत सारे काम को फायदेमंद बताया गया है. नवरात्रि का पावन पर्व नौ दिनों तक मनाते हैं, जिसका हिंदू धर्म में बहुत ही ज्यादा महत्व है.नवरात्रि के समय दुर्गा मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है.इस दौरान कुछ लोग व्रत भी रखते हैं, जो लोग नवरात्रि के दौरान व्रत नहीं रख पाते हैं, वो सिर्फ दुर्गा सप्तशती का पाठ कर लेते हैं. ये तो हर कोई जानता है कि नवरात्रि के दिन जौं की बुवाई होती है, हालांकि ज्यादातर लोगों को इसके महत्व के बारे में पता नहीं होता है.

 ऐसे में इसके पीछे क्या कारण है वो जानना बेहद ही जरूरी है.शास्त्रों में बताया गया है कि जौं पहली फल थी, सृष्टि की संरचना के बाद. ऐसे में जब भी किसी देवी-देवता की पूजा होती है तो जौं हवन में चढ़ाया जाता है. ये भी कहा जाता है कि नवरात्रि में उगने वाले जौं से भविष्य से जुड़ी चीजों का संकेत मिल जाता है. जौं को ब्रह्म माना जाता है, हर किसी को अन्न का समान करना चाहिए.

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जौ अगर तेजी से बढ़ता है तो उसे सुख समृद्धि का संकेत कहा जाता है. जौ अगर ठीक से नहीं उगे या घनी ना हो तो उसे अशुभ मानते हैं. जौं अगर काले रंग का टेढ़ा-मेढ़ा उगे तो उसे बहुत ही ज्यादा अशुभ मानते हैं.ऐसी मान्यता है कि अगर आधा जौ पीला और आधा हरा रहे तो, आधा साल अच्छा और आधा परेशानियों से घिरा रहता है. वहीं अगर आपने जौं बोई है और वो सफेद या ग्रीन हो जाए तो उसे शुभ मानते हैं.

 

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