Navratri 2021: सिंह इस वजह से बन गया मां दुर्गा का वाहन, पढ़े इसके पीछे की रोचक कहानी

Priya Gupta, Last updated: Thu, 23rd Sep 2021, 4:16 PM IST
  • मां दुर्गा हमेशा शेर की सवारी करती नजर आती हैं. लेकिन हमेशा से ये मन में सवाल उठते हैं कि आखिर उनकी सवारी शेर ही क्यों है? कैसे मिली उन्हें ये सवारी? 
सिंह इस वजह से बन गया मां दुर्गा का वाहन

नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से हो रही है. नवरात्रि में मां दुर्गा के अनेक रुपों की पूजा की जाती है. हर घर में मां दुर्गा का वास करती हैं, इसके लिए 9 दिनों बहुत ही श्रद्धा भाव से पूजा की जाती है. शेर पर सवार मां शेरावली का बहुत ही धूमधाम से स्वागत किया जाता है. मां हमेशा शेर की सवारी करती नजर आती हैं. लेकिन हमेशा से ये मन में सवाल उठते हैं कि आखिर उनकी सवारी शेर ही क्यों है? कैसे मिली उन्हें ये सवारी? जिस तरह शिवजी का वाहन नंदी, गणेश जी का वाहन मूषक है, उसी तरह मां दुर्गा ने भी अपना वाहन सिंह को बनाया है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एक बार महादेव ध्यान करने बैठे और अनंत काल के लिए समाधिस्थ हो गए. इस दौरान मां पार्वती उनकी काफी वक्त तक प्रतीक्षा करती रहीं, लेकिन भोलेनाथ तपस्यारत ही रहे. तब मां पार्वती खुद भी कैलाश पर्वत को छोड़कर घने जंगल में तपस्या के लिए चली गईं. जिस वक्त माता पार्वती तपस्या में लीन थीं, उसी वक्त वहां एक सिंह आ गया. वह सिंह काफी भूखा था और माता रानी को देखकर हमला करने लगा लेकिन तप के सुरक्षाकवच ने सिहं को अंदर नहीं आने दिया.

धरती पर भगवान विष्णु ले चुके हैं 23 अवतार, 24वां आखिरी ‘कल्कि अवतार' अभी बाकी

ये देखकर सिंह बाहर बैठा रहा और माता रानी के तपस्या खत्म होने का इंतजार करता रहा. उसने सोचा तपस्या से उठने के बाद वह शिकार कर भूख मिटाएगा. देवी मां की तपस्या की वजह से शिवजी प्रसन्न हुए और उन्हें वापस कैलाश पर्वत पर ले जाने आ गए. जब माता पार्वती चलने के लिए उठीं जो उन्होंने सिंह को देखा उन्होंने जब ये जाना कि वह इतने देर से इंतजार कर रहा है तब माता रानी ने प्रतीक्षा को ही तपस्या मान लिया और उसे अपने साथ ले गईं. तब से सिंह माता रानी का वाहन बन गया.

अन्य खबरें