गोपा अष्टमी को धूमधाम से मनाने के लिए रायशुमारी

Smart News Team, Last updated: Mon, 9th Nov 2020, 4:53 PM IST
  • गोपा अष्टमी के त्यौहार को धूमधाम से मनाने के लिए रायशुमारी का दौर शुरू हो गया है . त्यौहार के दिन कोविड-19 से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए गोपाष्टमी महोत्सव को मनाने का निर्णय लिया जा रहा है.
दिवाली के आठ दिन के बाद गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है

रांची. बताते चलें कि दीपावली की अमावस्या के ठीक 8 दिन बाद गोपाष्टमी का त्यौहार है. ऐसी मान्यता है कि गोकुल के नंद बाबा के घर पले बढ़े भगवान श्री कृष्ण ने इसी दिन से गायों को चराने की शुरुआत की थी. तब से लेकर आज तक सनातन धर्म के अनुयाई गोपाष्टमी का पर्व मनाते चले आ रहे हैं.

बात करें रांची की तो यहां सदियों से इस त्यौहार को धूमधाम से मनाया जाता है. इस बार गोपाष्टमी का त्यौहार 22 नवंबर को मनाया जाएगा. इस त्यौहार को मनाए जाने के लिए रांची गौशाला कार्यसमिति ने स्थानीय प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद बैठकों का दौर शुरू कर दिया है. सोमवार को हुई बैठक में महोत्सव के लिए सर्वसम्मति से सज्जन सर्राफ मुख्य संयोजक तथा अरुण बुधिया प्रदीप राजगढ़िया राजेंद्र बंसल व प्रमोद सारस्वत को संयोजक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. बैठक में गोपाष्टमी महोत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए रूपरेखा तैयार करने की चर्चा की गई.

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मुख्य संयोजक सज्जन सर्राफ ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए कमेटी ने गोपाष्टमी महोत्सव मनाए जाने का निर्णय लिया है. उन्होंने रांची के सभी गो प्रेमियों से आग्रह किया है कि गोपाष्टमी के दिन गायों के चारे व खानपान के लिए अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करें. मुख्य संयोजक सज्जन सर्राफ ने बताया कि रांची में गोपा अष्टमी का त्यौहार लगभग 117 वर्षों से लगातार मना मनाया जाता रहा है. बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी को यह त्यौहार मनाया जाता है इस दिन को की पूजा अर्चना की जाती है. गायों और बछड़ों का श्रृंगार किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में सभी देवी देवताओं का वास होता है.

कार्तिक मास यानी कल्प मास में गाय की पूजा करने से सभी देवताओं की पूजा करने का फल प्राप्त होता है. बैठक में गौशाला ट्रस्टी के ज्ञान प्रकाश बुधिया, शत्रुघ्न लाल गुप्ता, ओमप्रकाश छापड़िया, ज्ञान प्रकाश जालान, रतन जालान, हरिकिशन बजाज, प्रकाश चंद्र सेठी, किशन लाल चौधरी, राजकुमार टिबड़ेबाल व रामरतन सर्राफ मौजूद रहे.

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