रथ रूप में निर्मित है रांची का सूर्य मंदिर, मनोरम वास्तुकला के लिए है प्रसिद्ध

Smart News Team, Last updated: Wed, 14th Jul 2021, 10:19 AM IST
  • रांची का सूर्य मंदिर जो कि मुख्य शहर से करीब 40 किलोमीटर की दूर रांची-टाटा मार्ग पर बुंडू के पास स्थित है. यह मंदिर अपनी मान्यता के साथ-साथ अपनी वास्तुकला के लिए भी खूब जाना जाता है. मंदिर देखने में बिल्कुल एक विशाल रथ के आकार में बना हुआ है, जिसके दोनों ही तरफ 9-9 पहिए लगे हुए हैं.
मंदिर के निकट ही एक जलाशय भी बना हुआ है जो छठव्रतियों के लिए पवित्र स्थल माना जाता है. Credit: Sun Temple Ranchi Facebook

भारत देश में ऐसे कई सूर्य मंदिर हैं, जो अपनी-अपनी मान्यताओं के लिए खूब जाने जाते हैं. इन्हीं सूर्य मंदिरों में से एक है रांची का सूर्य मंदिर जो कि मुख्य शहर से करीब 40 किलोमीटर की दूर रांची-टाटा मार्ग पर बुंडू के पास स्थित है. यह मंदिर अपनी मान्यता के साथ-साथ अपनी वास्तुकला के लिए भी खूब जाना जाता है. मंदिर देखने में बिल्कुल एक विशाल रथ के आकार में बना हुआ है, जिसके दोनों ही तरफ 9-9 पहिए लगे हुए हैं. इसके साथ ही उस रथ को खींचने के लिए आगे नौ घोड़े बनाए गए हैं, जो देखने में कई बार सजीव प्रतीत होते हैं.

मंदिर के निकट ही एक जलाशय भी बना हुआ है जो छठव्रतियों के लिए पवित्र स्थल माना जाता है. इसके साथ ही कहा जाता है कि इस जलाशय में स्नान करने से लोगों के सारे पाप और बुरे कर्म भी धुल जाते हैं. मंदिर का निर्माण यूं तो साल 1989 में हुआ था, लेकिन इसमें भगवान सूर्य की प्रतिमा को साल 1994 में स्थापित की गई थी. कहा जाता है कि मंदिर में लोगों की आस्था ऐसी है कि न केवल आसपास के लोग बल्कि दूसरे जिले व पड़ोसी राज्य के छठव्रती भी इस मंदिर में अर्ध्य देने के लिए आते हैं. कहा जाता है कि यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है, वह खाली हाथ वापस नहीं लौटता है.

पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान राम भी अपने वनवास के दौरान इस जगह पर रुके थे. (Pic credit -cdn.s3waas.gov.in)

पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान राम भी अपने वनवास के दौरान इस जगह पर रुके थे. इसके साथ ही उन्होंने यहां अपने कुल देवता भगवान सूर्य की उपासना भी की थी. आज भी इस सूर्य मंदिर के गर्भ गृह में सीता रसोईं के चिह्न मिलते हैं. बताया जाता है कि जो ओड़िशा के कोणार्क मंदिर नहीं जा पाते हैं, वह इस मंदिर में दर्शन के लिए जरूर आते हैं.

सूर्य मंदिर आस्था का तो केंद्र है ही, साथ ही यह भक्तों के लिए पर्यटन स्थल का काम भी करता है. Pic (Credit -cm.jharkhand.government.in)

सूर्य मंदिर आस्था का तो केंद्र है ही, साथ ही यह भक्तों के लिए पर्यटन स्थल का काम भी करता है. पहाड़ी पर स्थित सूर्य मंदिर के चारों ओर हरे-भरे पेड़ देखने को मिलते हैं जो कि मन को काफी तसल्ली और सुकून भी पहुंचाते हैं.

कैसे पहुंचें: रांची के सूर्य मंदिर हवाई मार्ग, सड़क मार्ग व रेल मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है. मंदिर का निकटतम हवाई अड्डा बिरसा मुंडा एयरपोर्ट है, जहां से निजी वाहन कर भक्त आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं. इसके अलावा मंदिर के निकटतम रेलवे स्टेशन रांची जंक्शन है, जहां आने के बाद पर्यटक निजी वाहन कर मंदिर तक जा सकते हैं.

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