राँची: कोरोना से लड़ना हो तो अपनाएं आयुर्वेद के यह आसान नुस्खे

Smart News Team, Last updated: Fri, 27th Nov 2020, 11:12 PM IST
  • सर्दी आते ही कोरोना वायरस का फैलाव बढ़ता प्रतीत हो रहा है.वायरस के प्रमुख लक्षणों में देखा जाए तो इस वक़्त सर्दी, खांसी आम है. वहीं कोरोना वायरस के लक्षण भी इससे काफी मिलते हैं.  ऐसी स्थिति में आम तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली आयुर्वेदिक पद्धति को अपनाकर फायदा देखा जा सकता है.
फाइल फोटो

राँची. आयुर्वेद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सबसे ज्यादा कारगर है. सुबह शाम काढ़ा पीने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और वायरल इंफेक्शन दूर से ही वापस लौट जाता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से कोरोना वायरस जैसे संक्रमण से भी बचे रह सकते हैं. केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से इलाज की अनुमति मिल गई है.

अपनाएं यह टिप्स-

अदरक के कटे हुए छोटे टुकड़े, 1/2 चम्मच जीरा, 1/2 चम्मच हल्दी और एक चम्मच नींबू रस को एक कप पानी में मिलाकर इसका सेवन करना है. सर्दी, खांसी से पीड़ित लोगों में इस आयुर्वेदिक ड्रिंक का फायदा बड़ी तेजी से देखने को मिलता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कोरोना वायरस के लक्षण को भी ठीक करने के काम आ सकता है.

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रामबाण है तुलसी के पौधे की हर्बल चाय-

आयुर्वेद में तुलसी के पौधे का बहुत महत्व है. इस पवित्र पौधे का प्रत्येक भाग का सेहतमंद बने रहने में योगदान है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए भी इसका काढ़ा बहुत असर करता है.जिसका बनाने का तरीका यह है कि-

करीब एक लीटर पानी में तुलसी के पत्ते को अच्छी तरह उबाल लें, जब तक एक लीटर पानी एक चौथाई न हो जाए.

अब इसमें 4-6 दाना काली मिर्च, थोड़ा सा गुड़ और एक चम्मच नींबू रस डालकर इसे हर्बल चाय के रूप में आप दिन में एक या दो बार भी पी सकते हैं. आयुर्वेद चिकित्सक के अनुसार बुखार के लक्षणों की शुरुआत में केवल कुछ दिनों के लिए इसका सेवन किया जा सकता है.

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