29 साल बाद मकर संक्रांति पर त्रिग्रही योग, इस उपाय से सुधरेंगे पिता-पुत्र के संबंध

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 9:24 AM IST
  •  इस साल मकर संक्रांति पर मकर राशि में एक साथ शनि, बुध और सूर्य की मौजूदगी से त्रिग्रही योग बन रहा है. ज्योतिष के अनुसार इसे शुभ बताया जा रहा है. खासकर जिन लोगों की कुंडली में सूर्य और शनि की स्थिति अच्छी है उनके लिए ये योग फलदायक है.
त्रिग्रही योग

पौष माह के आखिरी दिन मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन सूर्य उत्तरायण करते हैं. सूर्य का बुध राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करने वाले दिन को मकर संक्रांति कहते हैं. पंचांग के अनुासर इस साल सूर्य 14 जनवरी 2022 को दोपहर 2:28 पर शनि की स्वामित्व (क्योंकि शनि पहले से ही मकर राशि में है) वाली राशि मकर में प्रवेश करेंगे. सूर्य इसके बाद पूरे एक महीने तक इसी राशि में रहेंगे. 

दिसंबर 2021 में ही बुध का मकर राशि में प्रवेश हो चुका है. ऐसे में मकर संक्रांति के दिन बुध, शनि और सूर्य के एक साथ मकर राशि में होने से त्रिग्रही योग बना रहा है. ऐसा संयोग 29 साल बाद हो रहा है. सूर्य और शनि पिता पुत्र होने के बावजूद शत्रु माने जाते हैं इसलिए एक साथ ये दोनों कम ही मिलते हैं. ऐसे में दोनों ग्रह का मकर संक्रांति पर एक मिलना खास बताया जा रहा है. इससे पहले आखिरी बार 1992 में सूर्य और शनि ग्रह एक साथ मिले थे.

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ज्योतिष के अनुसार त्रिग्रही योग शुभ और अशुभ दोनों फल देता है. अगर आपकी कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति मजबूत है तो आपको डरने की कोई जरूरत नहीं. इसके अलावा आप मकर संक्रांति पर सूर्य और शनि देव की उपासना कर भी इसका शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं.

 पिता पुत्र के रिश्ते में आएगी मधुरता-ज्योतिषानुसार अगर आपकी कुंडली में सूर्य और शनि दोष है तो मकर संक्रांति पर सूर्य देव की उपासना से पिता पुत्र के खराब संबंध अच्छें होते हैं. सूर्य के अच्छे प्रभाव से यश, सरकारी पक्ष और पिता पक्ष से लाभ और आत्मविश्वास बढ़ता है.

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