Vastu Tips: मां दुर्गा की पूजा के दौरान कभी न चढ़ाएं ये फूल, देवी मां हो सकती हैं रुष्ट

Priya Gupta, Last updated: Thu, 14th Oct 2021, 1:41 PM IST
  • देवता या देवियों के खास किस्म के लकी पैटर्न हैं और फूल, खुशूबू व रंग का मिलाजुला रूप और इनका सीधा संबंध घर के वास्तु शास्त्र से है.
मां दुर्गा की पूजा के दौरान कभी न चढ़ाएं ये फूल

हमारे जीवन में वास्तु शास्त्र का बेहद महत्व होता है, वास्तु विज्ञान में हर काम को सही तरीके से करने के बारे में बतायै है. चाहे वो जीवन यापन हो पूजा-पाठ हो. इत्यादि चीजों के बारे में बेहद ही बारिकी से बताया गया है. वहीं नवरात्र के समय में भी पूजा-पाठ को लेकर भी वास्तु शास्त्र में भी कई नियम बनाए गए हैं. दुर्गा मां की पूजा के लिए कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. पूजा के लिए सबसे अहम चीज है पुष्प जिसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है.

माता रानी के नौ रूपों के लिए अलग-अलग फूल चढ़ाए जाते हैं, वहीं कई ऐसे भी फूल हैं जिन्हें अर्पित करने पर माता रानी रुष्ट हो सकती है. देवता या देवियों के खास किस्म के लकी पैटर्न हैं और फूल, खुशूबू व रंग का मिलाजुला रूप और इनका सीधा संबंध घर के वास्तु शास्त्र से है. इसी बात को पहचानकर भारतीय मनीषियों ने तंत्रसार, मंत्र महोदधि और लघु हारित में कहा है कि श्री विष्णु को सफेद और पीले फूल प्रिय हैं। सूर्य, गणेश और भैरव को लाल फूल पसंद हैं, जबकि भगवान शंकर को सफेद फूल प्रिय हैं.

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लेकिन महत्वपूर्ण ये है कि किस एनर्जी पैटर्न को कौन-सा रंग या गंध फेवरेबल नहीं है. भगवान विष्णु को अक्षत यानी चावल नहीं चढ़ाने चाहिए, साथ ही मदार और धतूरे के फूल भी नहीं चढ़ाने चाहिए. वहीं माता दुर्गा को दूब, मदार, हरसिंगार, बेल और तगर न चढ़ाएं. चम्पा और कमल को छोड़कर किसी भी फूल की कली नहीं चढ़ानी चाहिए. वहीं कटसरैय्या, नागचंपा और बृहति के पुष्प वर्जित माने गए हैं। देवी-देवता की पूजा में इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

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