शिक्षक पात्रता परीक्षा लाइफ टाइम करने को एनसीटीई की गाइड लाइन का इंतजार

Smart News Team, Last updated: Tue, 17th Nov 2020, 7:30 PM IST
  • टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र दिए जाने को लेकर एनसीटीई ने बदलाव के संकेत दिए हैं. शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर एनसीटीई की क्या गाइडलाइन होगी इसको लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है. सरकार को भी एनसीटीई की ओर से गाइड लाइन जारी किए जाने का इंतजार है.
 शिक्षक पात्रता परीक्षा के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र दिए जाने को लेकर एनसीटीई ने बदलाव के संकेत दिए

रांची : बताते चलें कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अपने अभ्यर्थियों को अब तक 7 वर्ष की वैधता तक का प्रमाण पत्र जारी करती रही है. पिछले दिनों झारखंड सरकार ने भी इस वैधता अवधि को 2 साल और बढ़ाए जाने के विभागीय आदेश जारी किए थे. ठीक बाद इसके एनसीटीई ने भी अभ्यर्थियों को जारी किए जाने वाले निश्चित समय अवधि के प्रमाण पत्रों को आजीवन यानी लाइफ टाइम तक वेध किए जाने के संकेत दिए थे. एनसीटीई की ओर से दिए गए संकेतों के आधार पर अगले सत्र की टेट परीक्षा कराने से पहले झारखंड सरकार को नई गाइड लाइन में बदलाव किए जाने का इंतजार है.

शिक्षक पात्रता परीक्षा का अब क्या स्वरूप होगा इसको लेकर न केवल छात्रों में बल्कि राज्य सरकार में भी भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भी एनसीटीई की नई गाइडलाइन जारी होने के बाद ही शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली में संशोधन करने का मन बना चुका है. झारखंड सरकार की यह भी चिंता है कि साल 2012-13 मैं आयोजित की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा के उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त हो चुकी है.

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 जिस कारण उक्त सत्र में टेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके राज्य के 50000 अभ्यर्थी शिक्षक बनने से वंचित हो गए हैं. वही झारखंड राज्य में दूसरी बार शिक्षक पात्रता परीक्षा साल 2016 में संपन्न कराई गई थी. इस परीक्षा में भी तकरीबन इतने ही अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे. पहले झारखंड राज्य में कैट परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की मान्यता 5 साल तक ही थी जिसे बाद में 2 साल के लिए और बढ़ा दिया गया था. राज्य सरकार ने भर्तियों के प्रमाण पत्र कि मैं अभी 7 साल से 9 साल तक किए जाने का विभागीय आदेश जारी किया था.

इसके बाद एनसीटीई ने भी टीचर पात्रता परीक्षा के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की वैधता आजीवन करने का संकेत दिया था. हालांकि अभी तक एनसीटीई की ओर से इस बाबत कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है. इस कारण टीईटी उत्तीर्ण भर्तियों के साथ ही राज्य सरकार भी चिंतित नजर आ रही है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो बताते हैं कि एनसीटीई इस मामले में जल्द निर्णय लेती है तो टेट उत्तीर्ण हजारों अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा. उन्होंने बताया कि गाइडलाइन को लेकर अब तक सरकार को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की ओर से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है.

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