30 या 29, जानें किस दिन शुभ होगा जन्माष्टमी का व्रत, ये हैं नियम और पूजा विधि

Anuradha Raj, Last updated: Sat, 28th Aug 2021, 4:44 PM IST
  • इस साल यानी 2021 में जन्माष्टमी का व्रत 30 अगस्त को रखा जाएगा. 27 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि एक ही दिन हर कोई जन्माष्टमी का व्रत रखेगा. इस बार काफी शुभ नक्षत्र भी बन रहे हैं, इसी नक्षत्र में श्री कृष्ण का जन्म हुआ था.
30 अगस्त को है जन्माष्टमी

हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को  जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. धार्मिक मान्यत ऐसी है कि श्रीकृष्ण का जन्म इसी दिन हुआ था. यही कारण है कि बेसब्री से भगवान श्री कृष्ण के भक्तों को इस दिन का बेहद ही बेसब्री से इंतजार रहता है. जन्माष्टमी के दिन रात के 12 बजे व्रत खोल खोलकर लोग बाल गोपाल की पूजा अर्चना करते हैं. भगवान श्री कृष्ण को भगवान विष्णु का 8 वां अवतार माना जाता है. श्री कृष्ण का जन्म देवकी की आठवीं संतान के रूप में कंस के कारागार में हुआ था.

कब है जन्माष्टमी ?

30 अगस्त को इस साल यानी 2021 में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाने वाला है. अष्टमी तिथि 11 बजकर 25 मिनट पर 29 अगस्त को शुरू होगी और 1 बजकर 59 मिनट पर 31 अगस्त की रात को खत्म हो जाएगी. तो वहीं रोहिणा नक्षत्र की बात करें तो 6 बजकर 39 मिनट पर 30 अगस्त को प्रारंभ होगा, जो 9 बजकर 44 मिनट पर 31 अगस्त को खत्म हो जाएगा. रात 11 बजकर 59 मिनट से 30 अगस्त को पूजा का समय शुरू होगा जो 12 बजकर 44 मिनट तक रहने वाला है. पूजा कि कुल अवधि 45 मिनट तक रहने वाली है.

जन्माष्टमी के दिन भूल कर भी ना करें ये काम 

  1. प्रत्येक इंसान को भगवान ने एक समान बना कर भेजा है ऐसे में हमें अमीर-गरीब के रूप में उनका अनादर बिलकुल नहीं करना चाहिए. विनम्रता और सह्रदयता के साथ हमेशा लोगों के साथ पेश आना चाहिए. अगर आप भेदभाव को बढ़ावा देंगे तो आपको जन्माष्टमी का पुण्य नहीं मिलेगा.

2. शास्त्रों पर गौर करें तो चावल या जौ से बना भोजन एकादशी और जन्माष्टमी को नहीं करना चाहिए. भगवान शिव का रूप चावल को मानते हैं.

3. पौराणिक मान्यता ऐसी है कि भगवान श्री कृष्ण के जन्म होने तक यानी 12 बजे रात तक ही जन्माष्टमी के व्रत का पालन करना चाहिए. अन्न का सेवन इससे पहले बिलकुल भी ना करें. जो लोग बीच में व्रत तोड़ देते हैं उन्हें फल नहीं मिलता हैं.

4.ऐसी मान्यता है कि स्त्री पुरुष को जन्माष्टमी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करना चाहिए. जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्हें पाप लगता है. 

5. भगवान श्री कृष्ण को गौ बहुत प्रय है ऐसी मान्यता है. जो लोग जन्माष्टमी के दिन गाय की पूजा और सेवा करतें है उन्हें पुष्य मिलता है. इस दिन किसी भी पशु को नहीं सताना चाहिए. 

6. जन्माष्टमी के दिन लहसुन और प्याज से बनी चीजों का प्रयोग ना करें. एकदम इस दिन सात्विक चीजें ही खाएं.

 

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