मुजफ्फरपुर के 10 कॉलेजों में खर्च हुए लाखों, नहीं हो रहा स्मार्ट क्लास का उपयोग

Smart News Team, Last updated: 16/12/2020 03:42 PM IST
  • स्मार्ट क्लास रूम के नाम पर मुजफ्फरपुर के कॉलेजों में लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है. शिक्षकों में तकनीकि जानकारी का अभाव इसकी वजह है.
बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर ( फाइल फोटो )

मुजफ्फरपुर. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजो में स्मार्ट क्लास का उपयोग होता नहीं दिख रहा है. गौर हो कि स्मार्ट क्लास के नाम पर इन कॉलेजों में लाखों रुपये खर्च किए गए. अकेले मुजफ्फरपुर मुख्यालय के प्रमुख 10 कॉलेजों में स्मार्ट क्लास रूम हैं लेकिन इनका उपयोग होता नहीं दिख रहा है. 

लॉकडाउन की अवधि में इसके उपयोग से छात्रों को लाभ देने के लिए कोई पहल ही नहीं कि गई. आरडीएस, एमडीडीएम, आरबीबीएम, नीतीश्वर कालेज, एमपीएस साइंस कॉलेज, एमएसकेबी व लोहिया कॉलेज में स्मार्ट कक्षा उपलब्ध हैं. इन कॉलेजों में अधिकतर छात्र-छात्राएं ग्रामीण इलाके के कॉलेजों से आते हैं, जहां इंटरनेट की समस्या होती है. ऑनलाइन क्लास लगती भी है तो वे इसमे शामिल नहीं हो पाते. हालांकि इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन कहते हैं कि उनके कॉलेज में स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा उपलब्ध है.

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आरडीएस कॉलेज के स्नातक के विद्यार्थियों का कहना है कि गांव में रहने के कारण वहां इंटरनेट की समस्या होती है. यदि वेबसाइट होती तो स्टडी रिलेटिड वीडियो मिलते तो फायदा होता, पर कॉलेज में सिर्फ नाम के लिए ही स्मार्ट क्लास हैं. ज्यादातर विद्यार्थियों का कहना है कि स्मार्ट क्लास से फायदा नहीं मिल रहा है. उल्लेखनीय है कि इस संबंध में शिक्षकों को स्मार्ट क्लास रूम का सदुपयोग कर वीडियो लेक्चर तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करें लेकिन तकनीकी जानकारी का अभाव होने के कारण शिक्षकों को परेशानी होती है. वहीं शिक्षकों का कहना है कि कॉलेज की ओर से पहले ऑनलाइन स्टडी के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए. जानकारी के अभाव और तकनीकि समस्याओं के कारण वे स्मार्ट क्लास रुम का सही से उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं. इससे स्टूडेंट्स को भी पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. 

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