काशी विश्वनाथ परिसर में पूजा अर्चना करने की मांग को लेकर याचिका, ये है मामला

Smart News Team, Last updated: Fri, 20th Aug 2021, 4:53 PM IST
  • 5 महिलाओं ने जिला अदालत में याचिका दायर कर पुराने काशी विश्वनाथ परिसर में पूजा अर्चना करने की मांग की है. याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में ये तर्क रखते हुए कहा कि असल काशी विश्वनाथ मंदिर को मुगल बादशाह औरंगजेब ने अपने हुकूमत के दौरान तोड़ दिया था. इसलिए अदालत को पूजा अर्चना की अनुमति देना चाहिए.
जिला अदालत में याचिका दायर कर पुराने काशी विश्वनाथ परिसर में पूजा अर्चना करने की मांग की गई है.

वाराणसी. अयोध्या के बाद अब काशी भी मंदिर मस्जिद विवाद को लेकर सुर्खियों में है. दरअसल, मामला पुराने काशी विश्वनाथ मंदिर बनाम ज्ञानवापी मस्जिद का है. 5 महिलाओं ने अदालत मे याचिका दायर कर मंदिर परिसर में पूजा अर्चना बहाल करने की मांग की है. याचिका दायर होने के बाद वाराणसी जिला अदालत ने संबंधित मामले में जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त से जबाब मांगा है. बुधवार को दाखिल इस याचिका में इस बात का जिक्र है कि मुगल हुकूमत के दौरान पुरातन काशी विश्वनाथ मंदिर को मस्जिद में बदल दिया गया है.

राखी सिंह नाम की महिला के नेतृत्व में ये याचिका दायर किया गया था जिसमें ये मांग की गई थी कि पुराने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना करने की अनुमति दी जाए. याचिकर्ता महिला राखी सिंह के वकील हरी शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने अदालत में ये तर्क रखते हुए कहा कि असल काशी विश्वनाथ मंदिर को मुगल बादशाह औरंगजेब ने अपने हुकूमत के दौरान तोड़ दिया था. वकील हरिशंकर जैन ने आगे जोर देते हुए कहा कि अदालत प्रतिवादियों को आदेश दे कि कि वे वादी के मौलिक धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप न करें. इस बाबत सिविल जज जस्टिस रवि कुमार दिवाकर ने अगली सुनवाई की तारीख 10 सितंबर तय की है. सिविल जज ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को प्रतिवादी बनाया है.

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गौरतलब है कि पुरातन काशी विश्वनाथ मंदिर बनाम ज्ञानवापी मस्जिद की लड़ाई दशकों से चली आ रही है. अप्रैल 2021 में विवादित परिसर में पूजा अर्चना की मांग को लेकर एक याचिका दायर किया गया था. जिसके बाद अप्रैल में अदालत ने मुकदमे की प्रक्रिया को आगे बढ़ते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को को सर्वेक्षण की इजाजत दी. इसके लिए 5 सदस्यीय जांच टीम को नियुक्त किया जिसमें 2 मुसलमान सदस्य भी हैं.

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