वाराणसी: लॉकडाउन में छूटा काम तो बेरोजगारी की मार ने युवाओं को बनाया चोर

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Aug 2021, 1:17 PM IST
  • बनारस में लॉकडाउन के कारण बेरोजगार युवा वाहन चोरी करते हुए पकड़े जा रहे हैं. इनमें से कोई पहले पुणे में नौकरी करता था तो कोई मुंबई में. तालाबंदी के कारण इनके पास काम नहीं रह गया तो यह लोग खर्चे के लिए चोरी करने लगे.
वाराणसी: लॉकडाउन में छूटा काम तो बेरोजगारी की मार ने युवाओं को बनाया चोर

वाराणसी. लॉकडाउन में बेरोजगार होने के कारण कई युवा अपराध का रास्ता पकड़ने लगे हैं. तालाबंदी के दौरान महानगरों से लौटे युवक और शहरों में भी विभिन्न जगहों पर काम करने वाले युवक वाहन चोरी में गिरफ्तार हो रहे हैं. 

चौबेपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह गैंग के सदस्य पंकज कुमार यादव को गिरफ्तार किया . कैथी के रहने वाले पंकज कुमार ने 17 मई की रात को रजवाड़ी से ट्रैक्टर चोरी किया था. उसने पूछताछ के दौरान बताया कि पुणे में नौकरी करता था. लॉकडाउन में काम नहीं रहा तो घर आ गया और खर्च चलाने के लिए उमेश यादव के साथ मिलकर चोरी करने लगा.

पुलिस को पूछताछ में पता चला कि उमेश भी पहले काम करता था, लेकिन वह भी इस समय बेरोजगार है. पंकज के साथ मिलकर वो भी चोरी करने लगा था. भेलूपुर पुलिस के सामने भी ऐसा ही एक मामला आया था. भेलूपुर पुलिस ने खोजवां के कश्मीरगंज में रहने वाला परवेज खान को वाहन चोरी में गिरफ्तार किया था. परवेज खान ने बताया कि लॉकडाउन में वह जिस साड़ी की दुकान पर काम करता था. बंद हो गई. वह अपने खर्चें औऱ शौक पूरे करने के लिए गाड़ी चोरी करने लगा. परवेज दो बार जेल जा चुका है.

बता दें कि पिछले साल भी ऐसी चोरी के कई मामले आए थे. साल 2020 में रोहनिया में तीन युवक ने रोडवेज बसे ते कंडक्टर से रुपये भरा बैग और बाइक सवार से पर्स, मोबाइल छीनकर भागने के आरोप में पकड़े गए थे. इनमें से दो मुंबई और एक पुणे में काम करता था. 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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