सहायक निबंधक फर्म सोसायटी चिटफंड ने UP कॉलेज शिक्षा समिति का पंजीयन किया निरस्त

Smart News Team, Last updated: Mon, 8th Feb 2021, 7:20 PM IST
  • कॉलेज प्रबंधन समिति ने साल 2012 में विकास शुल्क के नाम पर स्टूडेंट्स से 500 रुपए प्रति स्टूडेंट की दर अतिरिक्त शुल्क वसूला था तो इसका जोरदार विरोध हुआ था. न्यायालय ने स्टूडेंट्स के पक्ष में फैसला सुनाया था और कॉलेज प्रशासन की मनमानी को लेकर यूपी कॉलेज का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है.
फाइल फोटो

वाराणसी. विकास शुल्क के नाम पर छात्रों से धन उगाही करने के कारण सहायक निबंधक फर्म सोसायटी चिटफंड ने वाराणसी के उदय प्रताप शिक्षा समिति का पंजीकरण निरस्त कर दिया है. पंजीकरण निरस्त होने के बाद कालेज प्रशासन निरस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नरी में अपील करने की तैयारी कर रहा है.

बता दें कि साल 2012 में कॉलेज प्रबंधन समिति की ओर से विकास शुल्क के नाम पर छात्रों से पान 500 रुपए प्रति छात्र की दर से अतिरिक्त शुल्क लगा दी थी. कॉलेज की स्थापना शाही कार्यवाही का छात्रों ने जोरदार विरोध किया था. इस अवैध वसूली के विरोध में छात्र आंदोलन करते हुए सड़कों पर भी उतर आए थे. छात्रों के इस आंदोलन में प्राचीन छात्र एसोसिएशन भी कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हो गया था. प्राचीन छात्र एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आनंद विजय सिंह की ओर से मनमाने तरीके से गठित सोसाइटी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की गई थी. न्यायालय ने भी छात्रों के पक्ष में अपना निर्णय सुनाया था. न्यायालय के निर्णय के बाद कॉलेज प्रशासन की मनमानी को लेकर निबंधक फर्म सोसायटी चिटफंड की ओर से यूपी कॉलेज का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है. चिट फंड सोसायटी की इस कार वाइपर कॉलेज प्रबंधन की ओर से कमिश्नरी में अपील करने की तैयारी की जा रही है. 

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इसके अलावा प्रबंधन न्यायालय में भी अपील करने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है. बता दें कि सोसाइटी के पंजीकरण पर यूपी कॉलेज में वर्तमान में पांच संस्थाएं संचालित हो रही हैं.उदय प्रताप इंटर कॉलेज उदय प्रताप डिग्री कॉलेज का संचालन ट्रस्ट के समय से ही हो रहा था. वही सोसाइटी ने परिसर में ही वर्ष 1964 में रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज व वर्ष 1994 में उदय प्रताप पब्लिक स्कूल तथा साल 1999 में राजस्व स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना की थी.

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