संपूर्णानंद संस्कृत विवि में ज्योतिष शास्त्र के साथ होगी आधुनिक खगोल विज्ञान की पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: Sat, 12th Jun 2021, 9:24 AM IST
  • वाराणसी के सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविधालय में अब ज्योतिष शास्त्र के साथ-साथ आधुनिक खगोल विज्ञान की पढ़ाई भी कारवाई जाएगी. इसके लिए यहां के बंद पड़े लैब को पुनर्जीवित किया गया है. ताकि यहां उपल्ब्ध सभी उपकरणों का अध्ययन और शोध कार्य में प्रयोग में लाया जा सके.
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविधालय.( फाइल फोटो )

वाराणसी: वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष शास्त्र के साथ-साथ आधुनिक खगोल विज्ञान की भी पढ़ाई कारवाई जाने का निर्णय लिया गया है. यहां आकाशगंगा और तारामंडल के अध्ययन के साथ आधुनिक गणित की भी पढ़ाई होगी.

इस विश्वविद्यालय के लैब को फिर से जिन्दा करने की बात की जा रही है. जिसमें सेलेस्टियल ग्लोब से लेकर एस्ट्रो लैब और एस्ट्रो ग्लोब लगाए गए हैं. सेलेस्टियल ग्लोब जिसमें एक शिशे पर पृथ्वी के साथ-साथ अंतरिक्ष और वहां फैले तारामंडल और ग्रहों का चित्र बना होता है. यहां के लैब को पुनर्जीवित करने वाले अमित शुक्ल बताते हुए कहते हैं कि ये सारे उपकरण कभी एमएमआई कार्प नामक अमेरिकी कम्पनी से मंगवाई गई थी. लेकिन इसका सही तरह से कभी उपयोग ही आज तक नही हो पाया था. अब इन उपकरणों का उपयोग अध्यन में लाया जाएगा.

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इन उपकरणों के साथ यहां के लैब में 8 इंच के लेंस वाला टेलिस्कोप से 4 इंच तक के टेलिस्कोप उपलब्ध है. जिससे आकाश की आकृति को बड़ा-छोटा कर के देखा जा सकता है. साथ-साथ स्टार वर्ल्ड, प्लेटेरियम, साइंटिफिक कैलकुलेटर, स्लाइड प्रोजेक्टर जैसे उपकरण रखे हुए हैं. लैब को फिर से जीवित करने वाले डॉ. शुक्ल ने बताया कि लैब के सभी 13 उपकरोणों का रखरखाव किया जा रहा. ताकि इसका प्रयोग ज्योतिष शास्त्र के अध्ययन और शोध कार्य में किया जा सके.

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