वाराणसी: नाव की सवारी और आरती देख आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त खुश, बोले-अविस्मरणीय

Smart News Team, Last updated: 23/02/2021 11:53 PM IST
  • भारत में आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफ्रेल वाराणसी दौरे पर हैं. मंगलवार को वाराणसी के घाट, नौका सवारी और आरती को देखकर गदगद हो उठे. उन्होंने अपने इस अनुभव को ट्वीट में अविस्मरणीय बताया है.
भारत में आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफ्रेल ने वाराणसी में नौका विहार की और गंगा आरती देखी.

वाराणसी. भारत में नियुक्त आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफ्रेल उत्तर प्रदेश के पहले आधिकारिक दौरे में वाराणसी पहुंचे. उन्होंने वाराणसी के घाट, आरती और नाव में बैठे. उन्होंने ट्वीट करते हुए अपने अनुभव को अविस्मरणीय बताया है. वाराणसी में उच्चायुक्त बैरी ओफ्रेल ने मंगलवार को फेमस घाटों को देखा. काशी की सुबह ए बनारस को देखने के बाद तुलसी घाट से नौका पर बैठे. 

आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफ्रेल ने नौका से ही बनारस के घाट, मंदिर और ऐतहासिक जगहों को दीदार किया. उन्होंने अपनी काशी यात्रा का एक छोटा-सा वीडियो शेयर किया और हिंदी में लिखा कि एक अविस्मरणीय अनुभूति, वाराणसी में गंगा नदी पर नाव की सवारी और तुलसी घाट पर आरती. उन्होंने अपने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीएचयू के पूर्व एमएस प्रोफेसर वीएन मिश्रा को टैग किया है. 

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आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफ्रेल ने बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के महामना हाॅल में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत और आस्टेलया के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी विकसित करने के लिए सही अवसर प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि वाराणसी में आस्ट्रेलिया के गैर-सरकारी संगठन की भागीदारी भारत में गंगा नदी की सफाई और रक्षा के लिए समर्पित हैं.

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उच्चायुक्त पे कहा कि शिक्षा हमारे राष्ट्रों की प्रगति को तेज करती है और कोविड-19 जैसे संकट से उबारती है. उच्चायुक्त ने महामारी से निपटने और वैक्सीन रोलआउट में भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि भारत और आस्ट्रेलिया के आपसी संबंधों को मजबूत करने में बीएचयू जैसे संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

 

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