कोरोना मरीजों के लिए बाबा विश्वनाथ का खुला खजाना, पहुंचाई दवाएं और ऑक्सीजन

Smart News Team, Last updated: 05/05/2021 07:39 AM IST
  • वाराणसी में बाबा विश्वनाथ मंदिर ने कोविड मरीजों की जीवन रक्षा के लिए अपना ख़जाना ख़ोल दिया है. बाबा विश्वनाथ मंदिर मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचाने, उनके घरों तक दवा, मेडिकल उपकरण पहुंचाने के साथ साथ कोविड मरीजों की दिन रात सेवा भी कर रहे हैं.
कोरोना मरीजों के लिए बाबा विश्वनाथ का खुला खजाना, पहुंचाई दवाएं और ऑक्सीजन

वाराणसी। पूरे देश में चल रहे कोरोना संकट काल में महादेव के मंदिर ने काशी में रहने वालों के जीवन रक्षा के लिए अपना ख़जाना ख़ोल दिया है. बाबा विश्वनाथ मंदिर मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचाने, उनके घरों तक दवा, मेडिकल उपकरण पहुंचाने के साथ साथ कोविड मरीजों की दिन रात सेवा भी कर रहे हैं. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की तरफ से दाताओं से प्राप्त दान या चढ़ावे की राशि से कोरोना संकट काल में मानव सेवा का काम किया जा रहा है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशन व निगरानी में उनके ड्रीम प्रोजेक्ट निर्माणाधीन श्री काशी विश्वनाथ धाम के पूरे हो जाने पर जन कल्याण के कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा.

ऐसा माना जा रहा है कि वाराणसी में विराजमान काशी पुराधिपति पूरे विश्व के लोकमंगल की भावना के हित और मानव कल्याण के तहत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने अपना ख़जाना खोल दिया है. बाबा ने अपने भक्तों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए अपने कोष में मौजूद राशि का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर में आये चढ़ावे और दान के पैसों को कोविड महामारी के समय कोरोना पीड़ितों के इलाज़ के लिए ख़र्च किया जा रहा है. दीनदयाल अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट में दान दाता के अलावा जो भी अतरिक्त खर्च आ रहा है वह खर्च भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास वहन करेगा. इसके अलावा कोरोना में इस्तमाल होने वाली दवाओं की किट, होमी भाभा कैंसर अस्पताल में मेडिकल उपकरण व बीएचयू में संविदा पर 3 कर्मचारी भी मंदिर की ओर से भेजे गए हैं.

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भारत में स्थित कुल 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक मशहूर ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने मुसीबत के वक्त मानव सेवा करने का सबसे बड़ा धर्म निभाया है. लोग अक्सर भगवान के स्वरुप पर और उनके अस्तित्व पर सवाल उठाते रहते है, लेकिन ऐसे संकट के समय में भगवान ने बिना जाति, धर्म, पंथ को देखे निस्वार्थ भाव के साथ सिर्फ मानव की मदद की हैं. ‘नर सेवा नारायण सेवा’ का मंत्र ही उस परमेश्वर के प्रति सच्ची भक्ति है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट यही सेवाभाव संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणा बनकर सामने आया है.

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