छात्र हित में चरणबद्ध तरीके से खुलेगी बीएचयू

Smart News Team, Last updated: 23/02/2021 06:15 PM IST
  • कोविड-19 के संक्रमण में कमी को देखते हुए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से खोले जाने का निर्णय लिया है. कहा है कि उनके लिए छात्र हित सर्वोपरि है. छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाराणसी: विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक और परास्नातक संकाय के अंतिम वर्ष के छात्रों प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए सोमवार से कक्षाएं संचालित की है. कोविड-19 संक्रमण के चलते गत 17 मार्च 2020 से बंद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को सोमवार को खोला गया तो पहले दिन अंतिम वर्ष के कुछ एक छात्र ही अपनी कक्षाओं में दिखाई दिए. जबकि स्मार्ट क्लास यानी ऑनलाइन कक्षाओं में ऑफलाइन कक्षाओं से ज्यादा छात्र मौजूद रहे. 11 माह बाद खोले गए विश्वविद्यालय के प्रथम दिन विश्वविद्यालय प्रशासन को तकरीबन 5000 छात्रों के उपस्थित होने का अनुमान था. मगर यह संख्या उनकी उम्मीद से थोड़ी कम रही. पहला दिन और धरने की वजह से कक्षाओं में गिने-चुने छात्र ही नजर आए. 

बता दें कि छात्रों की जोरदार मांग के चलते बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर और प्रशासनिक समिति में शामिल पदाधिकारियों ने सोमवार से विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया था. विश्वविद्यालय खोलने को लेकर कुलपति की ओर से गाइडलाइन भी जारी की गई थी जिसमें छात्रों को मास्क लगाने और निश्चित अंतराल पर सैनिटाइज करना अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कक्षा में शामिल होने वाले छात्रों से नो ऑब्जेक्शन प्रमाण पत्र भी जमा कराना अनिवार्य किया गया है. इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया है कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है.

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इसलिए छात्रों के हित में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विश्वविद्यालय को चरणबद्ध तरीके से खोलने का निर्णय लिया गया है. भविष्य में यदि स्थिति सुधरती है तो आगे विचार किया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं से अपील की गई है कि वह विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बनाएं और दूरदराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों का भी ध्यान रखें.

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